नयी दिल्ली, सात सितंबर उच्चतम न्यायालय ने लोकसभा सचिवालय की विशेषाधिकार समिति द्वारा देवघर के पुलिस अधीक्षक को झारखंड से भाजपा के एक सांसद की शिकायत पर समिति के समक्ष कल पेश होने के लिए जारी समन पर सोमवार को रोक लगा दी।
गोड्डा लोकसभा से भाजपा सदस्य निशिकांत दुबे ने विशेषाधिकार समिति में शिकायत दर्ज कर दावा किया है कि झामुमो नीत झारखंड सरकार के कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर उन्हें और उनके परिजनों को झूठे आपराधिक मामलों में फंसाकर बदनाम करने की साजिश रची।
न्यायमूर्ति एल एन राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने झारखंड के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक एम वी राव की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश सुनाया। राव ने लोकसभा सचिवालय की विशेषाधिकार समिति को दुबे की शिकायत पर कथित विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही से संबंधित रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश देने का अनुरोध किया।
याचिका में शीर्ष अदालत से लोकसभा की विशेषाधिकार समिति की शिकायत पर विचार करने और देवघर के पुलिस अधीक्षक को आठ सितंबर को मौखिक साक्ष्यों के लिए समिति के समक्ष पेश होने का निर्देश देने की कार्रवाई को अवैध और असंवैधानिक करार देने का भी अनुरोध किया।
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शीर्ष अदालत ने लोकसभा सचिवालय (विशेषाधिकार और आचार शाखा), विशेषाधिकार समिति और दुबे को नोटिस जारी कर याचिका पर उनके जवाब मांगे हैं।
पीठ में न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता भी हैं। पीठ ने आदेश में कहा, ‘‘नोटिस जारी किया जाए और चार सप्ताह में जवाब मांगा जाए।’’
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