कोलकाता, 18 जुलाई कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को मतदान बहिष्कार के बावजूद आठ जुलाई को पंचायत चुनाव के दिन उत्तर 24 परगना जिले में न्यू टाउन इलाके के एक मतदान केंद्र पर भारी मतदान के आरोपों की ‘‘जांच’’ करने का मंगलवार को निर्देश दिया।
कुछ विपक्षी उम्मीदवारों और मतदाताओं ने यह दावा करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया कि उन्हें मतदान की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उत्तर 24 परगना जिले के ज्यांगरा-हतियारा द्वितीय ग्राम पंचायत के मतों की गिनती के दौरान पाया गया कि इस केंद्र पर भारी संख्या में मतदान हुआ।
न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने डीजीपी को याचिकाकर्ताओं के आरोपों के बारे में जांच करने और सुनवाई की अगली तारीख पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि यह जांच करने के लिए एक जिम्मेदार अधिकारी को नियुक्त करने के लिए डीजीपी स्वतंत्र हैं, लेकिन रिपोर्ट डीजीपी को दाखिल करनी होगी।
राजरहाट ब्लॉक के निर्वाचन अधिकारी को भी एक हलफनामे के रूप में एक रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया गया।
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि क्षेत्र में मतदान का बहिष्कार करने का आह्वान किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि यह दावा किया गया था कि चूंकि यह स्थान ‘न्यू टाउन कोलकाता डेवलपमेंट एरिया’ (एनकेडीए) के अंतर्गत है, इसलिए इसे ग्राम पंचायत का हिस्सा नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दावा किया गया था कि बहिष्कार के आह्वान के कारण क्षेत्र में कोई भी अपना वोट नहीं डाल सका, लेकिन नतीजों की घोषणा के समय पता चला कि लोगों ने बड़ी संख्या में मतदान किया।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में मतदान संभव नहीं हो सका क्योंकि लोगों को मतदान की तारीख पर अपने घरों से बाहर जाने की अनुमति नहीं थी।
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