देश की खबरें | न्यायालय ने नगालैंड को आईपीएस अधिकारी रूपिन शर्मा को डीजीपी नियुक्त करने का आदेश जारी करने को कहा

नयी दिल्ली, 23 जनवरी उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को नगालैंड सरकार को निर्देश दिया कि वह एक सप्ताह के भीतर भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रूपिन शर्मा को राज्य का पुलिस महानिदेशक नियुक्त करने का आदेश जारी करे।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति धनंजय वाई. चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमणियन और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला की पीठ ने नगालैंड सरकार के इस अनुरोध पर विचार करने से इंकार कर दिया कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से राज्य के पुलिस प्रमुख के रूप में नियुक्ति के लिए यूपीएससी के तीन नामों की सूची में शामिल होने के लिए सेवा अवधि के मानदंड को 30 साल से घटा कर 25 साल करने को कहा जाए।

प्रक्रिया के तहत यूपीएससी को राज्य सरकार और अन्य पक्षकारों से सलाह-मशवरे के बाद तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सूची तैयार करनी होती है, जिनमें से राज्य सरकार एक की नियुक्त डीजीपी के रूप में कर सकती है।

पीठ ने कहा कि आईपीएस अधिकारियों के लिए सेवा अवधि के मानदंड को 30 साल से घटाकर 25 साल करने के मुद्दे पर यूपीएससी और केन्द्रीय गृह मंत्रालय फैसला कर सकते हैं।

राज्य सरकार ने यह दलील दी थी कि नगलैंड जैसे छोटे राज्य में 30 साल की सेवा अवधि वाले तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का होना मुश्किल है।

पीठ ने कहा, ‘‘इस पर संज्ञान लिया जा चुका है... रूपिन शर्मा की पहले ही नियुक्ति हो चुकी है और इस पद के लिहाज से, हम यूपीएससी को पात्रता को 30 साल से घटाकर 25 साल करने का निर्देश नहीं दे रहे हैं।’’

पीठ ने कहा कि ‘‘अदालत इस तथ्य को अनदेखा नहीं कर सकती कि मानदंड में छूट देने संबंधी किसी भी आदेश से ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाएगी जहां सेवा में पांच साल कनिष्ठ अधिकारी डीजीपी बन सकता है।

इसके बाद पीठ ने नागालैंड सरकार को 1992 बैच के अधिकारी शर्मा को डीजीपी के रूप में नियुक्त करने के लिए एक सप्ताह के भीतर आदेश पारित करने का निर्देश दिया।

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