सिंगापुर, नौ जून सिंगापुर की एक स्थानीय अदालत ने भारतीय घरेलू सहायिका अमनदीप कौर (30) का शारीरिक उत्पीड़न करने के आरोप में एक दंपत्ति को दोषी करार दिया। कौर ने दंपत्ति के घर से भागने से पहले करीब दो महीने तक काम किया था।
मोहम्मद तसलीम और उनकी पत्नी फरहा तहसीन ने कौर को दो साल के अनुबंध पर नौकरी पर रखा था और 287 डॉलर महीने की तनख्वाह तय की थी।
कौर ने नौ नवंबर से 31 दिसंबर 2016 तक दंपति के घर में काम किया।
कौर ने अपनी गवाही में बताया कि उस पर सबसे अधिक अत्याचार फराह (39) ने किया। वह दुर्व्यवहार करती थी बेलन, झाड़ू, आदि से मारती थी और चिमटा गर्म कर दागती थी।
उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2016 को जब दंपति घर पर नहीं था तब वह खिड़की के रास्ते भागने में कामयाब हुई।
चैनल न्यूज एशिया ने मंगलवार को बताया कि फराह को घरेलू सहायिका को जख्मी करने सहित 10 आरोपों में दोषी ठहराया गया है जबकि तसलीम को पीड़िता के चेहरे और कमर पर मारने के दो आरोपों में दोषी ठहराया गया है।
जिला न्यायाधीश शैफ्फुदीन सरुवान ने पाया कि सबूतों में कुछ अंतर के बावजूद पीड़िता विश्वसनीय गवाह है और मामले में दोष सिद्ध होता है।
दंपति 21 अगस्त को सजा सुनने के लिए अदालत आएगा।
पीड़िता को नुकसान पहुंचाने के प्रत्येक आरोप में दो साल तक की सजा या 3,589 डॉलर का जुर्माना या दोनों हो सकता है। चूंकि पीड़िता घरेलू सहायिका है ऐसे में जुर्माने की राशि में डेढ़ गुना तक वृद्धि हो सकती है।
दंपति सिंगापुर का स्थायी निवासी है, लेकिन उनकी नागरिकता स्पष्ट नहीं हुई है।
भारतीय नागरिक मणि मनोहरन ने कौर को खिड़की से बाहर निकलने में मदद की थी। हालांकि, दंपति ने आरोपों से इनकार किया है और दावा किया कि कौर को चोट भारत में खेत में काम करने के दौरान लगी।
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