जरुरी जानकारी | देश को 15,000 मेगावॉट हाइड्रोजन क्षमता के लिये 15 अरब डॉलर के वित्तपोषण की जरूरत: सारस्वत

नयी दिल्ली, 14 जुलाई नीति आयोग के सदस्य वी के सारस्वत ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत को 15,000 मेगावॉट हरित हाइड्रोजन क्षमता स्थापित करने के लिये 15 अरब डॉलर के वित्तपोषण की जरूरत होगी।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के ‘2030 में भारत: नवीकरणीय ऊर्जा में आत्मनिर्भर भारत के लिये रूपरेखा’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में उन्होंने यह कहा।

उन्होंने कहा, ‘‘हरित हाइड्रोजन भविष्य है। भारत को 2030 तक 15,000 मेगावॉट हरित हाइड्रोजन क्षमता स्थापित करने के लिये 15 अरब डॉलर के वित्तपोषण की जरूरत है।’’

सारस्वत ने कहा कि हरित हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है लेकिन इसकी कीमत उर्वरक और रिफाइनरी जैसे क्षेत्रों के लिए अवरोध बनी हुई है। इन क्षेत्रों को इस ईंधन के उपयोग की जरूरत है।

अपने संबोधन में नीति आयोग के सदस्य ने हरित हाइड्रोजन की लागत में कमी लाने के लिये कुछ उपाय भी सुझाए।

सारस्वत ने कहा कि हरित हाइड्रोजन की कीमत एक किलो प्रति डॉलर तक लाने के लिये इलेक्ट्रोलाइजर की लागत में 80 प्रतिशत तक कटौती करने की जरूरत होगी। साथ ही बिजली लागत में प्रति किलोवॉट दो प्रतिशत कमी लाने, इलेक्ट्रोलाइजर प्लांट का जीवनकाल बढ़ाकर 20 साल और इलेक्ट्रोलाइजर की कुशलता बढ़ाकर 76 प्रतिशत करने की आवश्यकता होगी।

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