निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में दर्ज मतों की गणना 14 मेजों पर की जाएगी।
चुनाव संचालन नियमों के अनुसार, डाक मतपत्रों की गिनती पहले की जाएगी और 30 मिनट बाद ईवीएम में दर्ज मतों की गणना शुरू होगी।
इसके बाद डाक मतपत्रों और ईवीएम के माध्यम से डाले गए मतों की गिनती एक साथ जारी रहेगी।
अधिकारियों ने बताया कि मतगणना के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया है।
उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव में बुधवार को कुल 3.71 लाख मतदाताओं में से 65 प्रतिशत से अधिक ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया जो 2022 के विधानसभा चुनावों में दर्ज मतदान से अधिक है।
मिल्कीपुर उपचुनाव, समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है, क्योंकि यह सीट राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अयोध्या जिले का हिस्सा है।
इस सीट पर कुल 10 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला सपा के अजीत प्रसाद और भाजपा के चंद्रभानु पासवान के बीच माना जा रहा है।
मिल्कीपुर विधानसभा सीट, अवधेश प्रसाद के पिछले साल लोकसभा चुनाव में अयोध्या सीट से निर्वाचित होने के बाद विधानसभा से इस्तीफा देने की वजह से रिक्त हुई है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) यह उपचुनाव नहीं लड़ रही है, वहीं कांग्रेस इस सीट पर अपनी गठबंधन सहयोगी सपा का समर्थन कर रही है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने भी इस सीट से अपना उम्मीदवार उतारा है।
सपा जहां इस सीट को बरकरार रखने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा इस चुनाव को फैजाबाद में अपनी हार का बदला लेने के अवसर के रूप में देख रही है।
वर्ष 2022 के प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा मिल्कीपुर के रूप में अयोध्या जिले की एकमात्र सीट हारी थी।
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