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कोरोना वायरस महामारी का अफ्रीका के देशों पर भी हो रहा है गंभीर आर्थिक असर

यह इन देशों के तीन प्रमुख व्यापार भागीदार चीन, यूरोपीय संघ और अमेरिका के कोरोना वायरस से बुरी तरह से प्रभावित होने के कारण हो रहा है।

कोरोना वायरस महामारी का अफ्रीका के देशों पर भी हो रहा है गंभीर आर्थिक असर

पिछले साल सहारा क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि दर 2.4 प्रतिशत रही थी। हालांकि इस साल इनकी वृद्धि दर शून्य से 2.1 प्रतिशत से लेकर 5.1 प्रतिशत तक नीचे रहने का अनुमान है।

यह इन देशों के तीन प्रमुख व्यापार भागीदार चीन, यूरोपीय संघ और अमेरिका के कोरोना वायरस से बुरी तरह से प्रभावित होने के कारण हो रहा है।

पर्यटन और कच्ची सामग्रियों के प्रमुख बाजारों में गिरावट के साथ ही लोगों को घरों में रोके रखने का बाध्यकारी कदम उठाना आर्थिक लिहाज से तबाही के लिये पर्याप्त है।

हालांकि अफ्रीकी विकास बैंक के अनुमान अपेक्षाकृत कम निराशावादी हैं, लेकिन इसका भी मानना है कि जीडीपी में गिरावट की दर 0.7 प्रतिशत से 2.8 प्रतिशत तक रह सकती है।

अफ्रीकी संघ का अनुमान है कि इस महामारी के कारण औपचारिक व अनौपचारिक क्षेत्र में करीब दो करोड़ नौकरियों पर खतरा मंड़रा रहा है। संयुक्त राष्ट्र का आकलन और भयावह है। संयुक्तराष्ट्र के अनुसार पांच करोड़ लोगों तक के बेरोजगार होने जाने की आशंका है।

इन देशों की अर्थव्यवस्थाओं में विदेश कमाने गये उन कामगारों का भी अहम योगदान है जो वापस अपने देश में पैसे भेजते हैं। बेरोजगारी की उच्च दर तथा आर्थिक नरमी से इसके ऊपर भी असर पड़ रहा है।

ब्लूमफील्ड इंवेस्टमेंट एनालिस्ट्स की मानें तो इस तरह विदेश से भेजे गये पैसों का 2018 में माली में अर्थव्यवस्था में 5.5 प्रतिशत तथा सेनेगल में 10 प्रतिशत रहा था। अब इस तरह के हस्तांतरण में भारी गिरावट के अनुमान हैं, क्योंकि दुनिया भर में महामारी के संक्रमण को रोकने के लिये लॉकडाउन लागू है।

विश्वबैंक के अनुसार, इस क्षेत्र की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं दक्षिण अफ्रीका और नाईजीरिया के सामने व्यापक मंदी का खतरा है। विकसित देशों से तेल तथा कीमती धातुओं जैसी कच्ची सामग्रियों की मांग गिरने के कारण इन दोनों के समक्ष दिक्कतें आने लगी हैं। अंगोला के साथ भी यही हो रहा है।

कच्चा तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 20 से 30 डॉलर प्रति बैरल के बीच चल रही हैं। नाईजीरिया में यह कच्चा तेल के उत्पादन की लागत है।

सुरक्षित निवेश माना जाने वाला सोना भी इस महामारी से नहीं बच सका है। ब्लूमफील्ड इंवेस्टमेंट एनालिस्ट्स के अनुसार, विमानों के परिचालन में कमी आने तथा सोना के कुछ परिशोधन संयंत्रों के बंद होने से इसका निर्यात भी गिरा है।

माली के राष्ट्रपति इब्राहिम बोउबाकर ने शुक्रवार को बताया कि कपास उद्योग किस तरह से तबाह हो रहा है। इस उद्योग में करीब एक चौथाई लोगों को रोजगार मिलता है।

पर्यटन के प्रभावित होने से दक्षिण अफ्रीका पर असर हुआ है। इसी तरह कॉफी के बाजार तबाह होने से इथियोपिया को दिक्कतें हो रही हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 12, 2020 04:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).