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उप्र में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 2766 हुये

बुलेटिन में बताया गया कि कुल 802 लोग पूर्णतया ठीक हो चुके हैं और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी मिल गयी है जबकि संक्रमण की वजह से 50 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं । राज्य में अब भी 1914 लोग इससे संक्रमित हैं।

उप्र में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 2766 हुये
जमात

स्वास्थ्य विभाग की ओर से देर शाम जारी एक बुलेटिन में बताया गया है कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के 121 नए मामले सामने आए हैं । इस प्रकार संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2766 हो गई है।

बुलेटिन में बताया गया कि कुल 802 लोग पूर्णतया ठीक हो चुके हैं और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी मिल गयी है जबकि संक्रमण की वजह से 50 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं । राज्य में अब भी 1914 लोग इससे संक्रमित हैं।

बुलेटिन में बताया गया कि संक्रमण के कुल मामलों में तबलीगी जमात और उससे संबद्ध लोगों की संख्या 1152 है।

बुलेटिन के मुताबिक अब तक सबसे अधिक 14 लोगों की मौत आगरा में हुई है । मेरठ और मुरादाबाद में सात-सात, कानपुर नगर में पांच, मथुरा में चार, फिरोजाबाद और गाजियाबाद में दो दो तथा कानपुर देहात, अमरोहा, बरेली, बस्ती, बुलंदशहर, लखनऊ, वाराणसी, अलीगढ़ और श्रावस्ती में एक-एक व्यक्ति की मौत कोरोना वायरस की वजह से हुई है।

इससे पहले प्रमुख सचिव :चिकित्सा एवं स्वास्थ्य: अमित मोहन प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''पूल टेस्टिंग लगातार चल रही है । कल 1397 नमूनों की जांच की गयी... कल प्रयोगशालाओं में 3328 नमूने भेजे गये और प्रयोगशालाओं ने 4021 नमूनों की जांच की ।"

उन्होंने बताया कि अभी तक प्रदेश में 90, 821 टेस्ट आरटी—पीसीआर के माध्यम से किये गये । राज्य में कुल 20 प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं । पृथक-वास वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या 2024 है।

प्रमुख सचिव ने कहा कि इतने बडे प्रदेश में अगर संक्रमित लोगों की संख्या सीमित रही है तो उसका बहुत बडा कारण मेडिकल टीमों द्वारा की गयी निगरानी है ।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी तक 50,193 टीमों ने निगरानी का काम किया है और कुल 45 लाख 56 हजार 923 घरों का सर्वेक्षण किया गया । इनमें दो करोड 16 लाख 78 हजार 495 परिवार शामिल रहे ।

प्रसाद ने जनता से अनुरोध किया कि यह बीमारी संक्रामक है और किसी को भी हो सकती है । सरकार ने जांच और चिकित्सा की नि:शुल्क व्यवस्था की है, इसलिए जिस किसी को भी लक्षण दिखे, वे घबरायें नहीं बल्कि सामने आकर जांच करायें । जांच और चिकित्सा नि:शुल्क होगी । ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि लोग तबियत बहुत खराब होने के बाद विलंब से अस्पताल आये ।

उन्होंने कहा कि बुजुर्गों एवं पहले से बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखना चाहिए । दूसरे प्रदेशों से जो प्रवासी आ रहे हैं, उनके लिए संदेश है कि वे अपने घर में भी अलग रहें । पास पडोस के लोगों से नहीं मिलें । परिवार के लोगों से दूर रहें । वे बच्चों, बुजुर्गों, पहले से बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं से दूरी बनाकर रखें ताकि यदि किसी तरह का संक्रमण हो तो कोई अन्य संक्रमित नहीं हो जाए।

प्रसाद ने कहा कि इस बीमारी से सावधानी से बचाव करना है ।

साबुन—पानी से नियमित एवं लगातार हाथ धोना है । सामाजिक दूरी का पालन करना है । मास्क, गमछे, रूमाल या दुपटटे से चेहरे को ढंक कर रखना है ।

उन्होंने डाक्टरों, नर्सों, पैरा मेडिकल स्टाफ, वार्ड ब्वाय के अलावा पुलिस, राजस्व कर्मी, साफ सफाई में लगे लोगों को धन्यवाद दिया।

अमृत

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(The above story first appeared on LatestLY on May 04, 2020 09:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).