कोरोना असर: ऋणग्रस्त वर्जिन ऑस्ट्रेलिया ने दिवाला प्रक्रिया के तहत संरक्षण मांगा
इसके साथ ही विमानन कंपनी में 16,000 लोगों की नौकरी संकट में पड़ गई है। कोरोना वायरस महामारी के चलते दुनिया भर में विमानन कंपनियां अभूतपूर्व संकट का सामना कर रही हैं।
मेलबर्न, 21 अप्रैल ऑस्ट्रेलिया की दूसरी सबसे बड़ी विमानन कंपनी वर्जिन ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को कहा कि उसने ऋण संकट के चलते अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए दिवाला प्रक्रिया के तहत संरक्षण मांगा है।
इसके साथ ही विमानन कंपनी में 16,000 लोगों की नौकरी संकट में पड़ गई है। कोरोना वायरस महामारी के चलते दुनिया भर में विमानन कंपनियां अभूतपूर्व संकट का सामना कर रही हैं।
इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने 1.4 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (88.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर) का कर्ज देने के वर्जिन के अनुरोध को खारिज कर दिया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।
वर्जिन ऑस्ट्रेलिया के निदेशक मंडल ने लेखा फर्म डेलॉयट को दिवाला प्रशासक के रूप में नियुक्त किया है।
कंपनी के मुख्य कार्यपालक पॉल स्कुराह ने कहा कि कोविड-19 ने इतिहास के सबसे बुरे विमानन संकट को जन्म दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 24 घंटे की घटनाएं वर्जिन ऑस्ट्रेलिया समूह के लोगों के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहे हैं।’’ हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई की जल्द ही सबकुछ ठीक हो जाएगा।
वर्जिन ग्रुप के अरबपति संस्थापक रिचर्ड ब्रैनसन, जिनकी विमानन कंपनी में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी है, ने एक बयान जारी कर चेतावनी दी कि यदि वर्जिन ऑस्ट्रेलिया बंद हो जाती है, तो क्वांटस का ऑस्ट्रेलिया के विमानन क्षेत्र पर एकाधिकार हो जाएगा।
उन्होंने वर्जिन ऑस्ट्रेलिया के कर्मचारियों का हौसला भी बढ़ाया और कहा, ‘‘यह वर्जिन ऑस्ट्रेलिया का अंत नहीं है, बल्कि मेरा मानना है कि एक नई शुरुआत है। मैं वादा करता हूं कि हम इसे वास्तविकता में बदलने के लिए दिन-रात काम करेंगे।’’
वर्जिन ऑस्ट्रेलिया लगभग 10,000 लोगों को सीधे रोजगार देती है और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 6,000 लोगों को इससे रोजगार मिलता है।
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