जरुरी जानकारी | चालू वित्त वर्ष में राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण 32-34 किलोमीटर प्रतिदिन रहेगा : क्रिसिल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश में राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण चालू वित्त वर्ष (2022-23) में सिर्फ 32 से 34 किलोमीटर प्रतिदिन रह सकता है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने यह अनुमान लगाया है। क्रिसिल का कहना है कि लागत ऊंची रहने की वजह से राजमार्गों के निर्माण की रफ्तार उम्मीद के अनुरूप नहीं रहेगी।

नयी दिल्ली, 18 जुलाई देश में राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण चालू वित्त वर्ष (2022-23) में सिर्फ 32 से 34 किलोमीटर प्रतिदिन रह सकता है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने यह अनुमान लगाया है। क्रिसिल का कहना है कि लागत ऊंची रहने की वजह से राजमार्गों के निर्माण की रफ्तार उम्मीद के अनुरूप नहीं रहेगी।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि मानसून के बाद राजमार्गों का निर्माण तेज होने की उम्मीद है।

भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण 2021-22 में घटकर 28.64 किलोमीटर प्रतिदिन रह गया था। कोविड-19 महामारी और देश के कुछ हिस्सों में मानसून के सामान्य से अधिक समय तक बने रहने से बीते वित्त वर्ष में राजमार्ग निर्माण की रफ्तार सुस्त पड़ी थी।

वित्त वर्ष 2020-21 में देश में राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण 37 किलोमीटर प्रतिदिन के रिकॉर्ड पर पहुंच गया था।

क्रिसिल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में राजमार्ग परियोजनाओं की रफ्तार सुस्त पड़ी है। पहली तिमाही में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सहित सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा राजमार्गों का आवंटन सालाना आधार पर 42 प्रतिशत घटकर 969 किलोमीटर रह गया।

इसके अलावा राजमार्गों का निर्माण भी सालाना आधार पर घटकर 1,966 किलोमीटर रह गया। यह 22 किलोमीटर प्रतिदिन बैठता है। क्रिसिल ने कहा कि निर्माण सामग्री के महंगा होने की वजह से संबंधित कंपनियों ने खरीद में देरी की है, जिससे निर्माण प्रभावित हुआ है।

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