देश की खबरें | निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन : विजयन ने स्टालिन के रुख का समर्थन किया

तिरुवनंतपुरम, 14 मार्च केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार द्वारा ‘‘संसदीय क्षेत्र के परिसीमन की एकतरफा कोशिश’’ के खिलाफ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सुप्रीमो तथा तमिलनाडु के अपने समकक्ष एम. के. स्टालिन की ओर से चेन्नई में आयोजित सम्मेलन के प्रति शुक्रवार को अपना समर्थन व्यक्त किया।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता विजयन ने ‘‘निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन : एकतरफा कदम के खिलाफ एकजुटता’’ शीर्षक से जारी एक बयान के माध्यम से अपना समर्थन व्यक्त किया। यह बयान तमिलनाडु के आईटी मंत्री पलानीवेल थियागा राजन और सांसद डॉ. तमिजहाची थंगापांडियन द्वारा उनसे मुलाकात कर 22 मार्च के सम्मेलन के लिए निमंत्रण देने के बाद दिया गया।

बयान में कहा गया है, ‘‘चूंकि केंद्र सरकार लोकतंत्र और संघवाद के मूल्यों की अनदेखी करते हुए लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों को फिर से परिसीमित करने में लगी है, इसलिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने केरल के मुख्यमंत्री को चेन्नई में आयोजित सर्वदलीय एकजुटता सम्मेलन में आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री ने इस महीने की 22 तारीख को चेन्नई में आयोजित सम्मेलन और इस मुद्दे पर अपनाए गए रुख के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है।’’

बयान में हालांकि यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया कि विजयन सम्मेलन में हिस्सा लेंगे या नहीं।

तमिलनाडु के प्रतिनिधियों ने केरल के मुख्यमंत्री को स्टालिन की आत्मकथा भी उपहार के रूप में भेंट की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दक्षिणी राज्यों को आश्वासन दिया है कि निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद वे ‘‘एक भी सीट’’ नहीं खोएंगे।

स्टालिन ने संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के प्रस्तावित परिसीमन पर चर्चा के लिए 22 मार्च को एक बैठक बुलाई है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)