कोलकाता, एक जुलाई केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने शनिवार को इस बात पर जोर दिया कि जैव विविधता का संरक्षण केन्द्र की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
भारतीय प्राणि सर्वेक्षण (जेडएसआई) के 108वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि पिछले 10 साल में 45 आर्द्र भूमि को रामसर स्थल घोषित किया गया है और इनमें से 11 की घोषणा 2022 में हुई है।
यादव ने कहा, ‘‘क्षेत्रों को उनके मूल प्राकृतिक रूप में विकसित करना और जैव विविधता को बनाए रखना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हाल ही में दूसरे महाद्वीप से चीतों को लाकर फिर से मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बसाने के हमारे प्रयास को दुनिया भर में सराहा गया है।’’
भारत में चीतों को विलुप्त हुए सात दशक हो चुका है और केन्द्र सरकार ने हाल ही में नामिबिया से आठ चीते लाकर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा है।
ऐसे ही दूसरी बार किसी अन्य महाद्वीप से चीते लाने के प्रयास के तहत दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाकर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े गए। हालांकि, उनमें से तीन चीतों की मृत्यु हो चुकी है।
उन्होंने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन ने मनुष्य की श्रेष्ठता के मिथक को तोड़ दिया है। हम प्रकृति से श्रेष्ठ नहीं हैं, हम इसका हिस्सा हैं। इसलिए हमें अनिवार्य रूप से इसकी रक्षा करनी चाहिए।’’
यादव ने बताया कि जेडएसआई ने सभी 10 जैव-भौगोलिक क्षेत्रों के प्राणियों का दस्तावेजीकरण कर लिया है।
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