भोपाल, 13 जून मध्यप्रदेश कांग्रेस ने मंगलवार को भोपाल के सतपुड़ा भवन में लगी भीषण आग के पीछे ''भ्रष्टाचार'' और ''गड़बड़ी'' का आरोप लगाया है, हालांकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है ।
सतपुड़ा भवन मध्यप्रदेश सरकार की इमारत है जिसमें सोमवार आग लग गयी, आग ने हजारों फाइलों और फर्नीचर को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रदेश की भाजपा सरकार ने आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप में कोई दम नहीं है, क्योंकि सोमवार को आग लगने के समय लगभग चार हजार कर्मचारी इमारत में मौजूद थे।
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि राज्य सचिवालय के सामने स्थित सतपुड़ा भवन में लगी आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा, “यह भ्रष्टाचार का एक और उदाहरण है। सवाल यह है कि आग लगी थी या लगाई गई थी। अब तक कहा जा रहा है कि 12 हजार फाइलें जल गईं। न जाने कितनी हजारों फाइलें जल चुकी हैं। इसका लक्ष्य क्या था? उद्देश्य क्या था? यह एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला है।’’
कमलनाथ ने एक स्वतंत्र एजेंसी से इसकी जांच कराने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी ऐसी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे। उन्होंने कहा, "उनकी तैयारी केवल पैसा बनाने के लिए है।"
कांग्रेस के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर प्रदेश के गृह मंत्री एवं प्रदेश सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने कहा, ‘‘ “कांग्रेस मदद में शामिल नहीं होती है लेकिन इसमें में भी अवसर तलाश रही है। कार्यालय में करीब चार हजार कर्मचारी थे। अब इसमें कैसे आग लग जाएगी, कौन मिट्टी का तेल और पेट्रोल अंदर ले जाएगा? मुझे उनकी (कांग्रेस नेता) बुद्धि पर तरस आता है।’’
कांग्रेस के आरोपों की भर्त्सना करते हुये मिश्रा ने कहा, “मुख्यमंत्री ने सभी प्रयास किए। यहां तक कि वायुसेना भी तैयार थी और सभी इंतजाम किए गए थे।"
मंत्री ने कहा कि नष्ट की गई फाइलों को फिर से बनाया जाएगा क्योंकि डेटा विभिन्न स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसमें समय और मेहनत लगेगी लेकिन सभी फाइलें बन जाएंगी।
उन्होंने कहा कि एक उच्च स्तरीय समिति आग की घटना की जांच करेगी और तीन दिनों में अपनी रिपोर्ट देगी।
मिश्रा ने कहा कि प्रथम दृष्टया एयर कंडीशनिंग यूनिट में शॉर्ट-सर्किट से आग लगी है।
गृह मंत्री ने कहा कि अग्नि प्रभावित कार्यालय के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
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