देश की खबरें | कांग्रेस द्वारा आयोजित बंद ने त्रिपुरा में आंशिक रूप से जन जीवन को किया प्रभावित
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस द्वारा आयोजित सुबह से शाम तक के बंद के दौरान त्रिपुरा में सोमवार को जन जीवन प्रभावित हुआ। कांग्रेस ने यहां जीबी पंत अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार समेत 12 सूत्री मांगों को लेकर बंद का आह्वान किया था।
अगरतला, 21 सितंबर कांग्रेस द्वारा आयोजित सुबह से शाम तक के बंद के दौरान त्रिपुरा में सोमवार को जन जीवन प्रभावित हुआ। कांग्रेस ने यहां जीबी पंत अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार समेत 12 सूत्री मांगों को लेकर बंद का आह्वान किया था।
ज्यादातर बाजार और दुकानें बंद रहीं तथा निजी वाहन सड़कों से नदारद रहे, लेकिन सरकारी दफ्तरों और सिविल सचिवालय में हाजिरी करीब-करीब सामान्य थी।
अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण स्कूल एवं कॉलेज बंद हैं, लेकिन शिक्षक अपने कार्यस्थल गए।
पुलिस ने बताया कि राज्य के किसी भी हिस्से से अबतक हिंसा की कोई खबर नहीं है।
यह भी पढ़े | आईआईटी-कानपुर ने बनाया विशेष प्रकार का फैशनेबल डिजाइनर मास्क, क्या ये रोक सकेगा कोरोना?.
पुलिस ने बताया कि बंद के दौरान तकरीबन तीन हजार समर्थकों को गिरफ्तार किया गया और बाद में छोड़ दिया गया।
कांग्रेस की अन्य मांगों में मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब द्वारा की गई "मीडिया विरोधी" बयान को वापस लेना, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हमले रोकना, गरीब परिवारों को 7500 रुपये नकद देना, कोविड के कारण जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को 10 लाख रुपये देना तथा छंटनी किए गए 10,323 शिक्षकों की तत्काल पुनःनियुक्ति करना शामिल है।
त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख पी कांती बिश्वास ने दावा किया कि बंद सफल रहा क्योंकि लोगों ने पूरी तरह से इसका समर्थन किया।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, " राज्य में कानून एवं व्यवस्था ढह गई है । ग्रामीण इलाकों में कोई नौकरी नहीं है, बेरोजगारी अपने चरम पर है, कोविड-19 के मरीज बिना इलाज के ही मर रहे हैं। "
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)