नयी दिल्ली, 17 अगस्त कांग्रेस की दिल्ली इकाई के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मुलाकात की और राष्ट्रीय राजधानी में सभी कृषि भूमि के लिए एक समान सर्किल रेट की व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि नए सर्किल रेट के पीछे एक ‘‘साजिश’’ है।
गत सात अगस्त को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कृषि भूमि और यमुना बैराज से सटे क्षेत्रों की सर्किल दरों में वृद्धि को मंजूरी दी थी। पहले पूरे दिल्ली में कृषि भूमि पर एक समान सर्किल रेट था और अब उन्हें जिले के आधार पर निर्धारित किया गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार, वरिष्ठ नेता देवेंद्र यादव और कुछ अन्य नेताओं ने उपराज्यपाल से मुलाकात की।
उन्होंने उप राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि अलग-अलग सर्किल दरों के प्रस्ताव से "दिल्ली के किसानों में असंतोष" पैदा हुआ है।
ज्ञापन में कहा गया है, ‘‘यह प्रस्तावित सर्किल रेट चर्चा का विषय बन गया है और दिल्ली के किसानों में इसे लेकर काफी असंतोष है। हमारा मानना है कि कृषि भूमि का सर्किल रेट एक समान होना चाहिए।’’
दिल्ली सरकार ने कृषि भूमि को तीन ग्रामीण श्रेणियों - हरित पट्टी, शहरीकृत और ग्रामीण - में वर्गीकृत किया है। दक्षिणी दिल्ली और नई दिल्ली जिलों में कृषि भूमि का सर्किल रेट पांच करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच जाएगा। हालांकि, प्रस्ताव को अभी भी उपराज्यपाल की मंजूरी का इंतजार है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह नीति "किसानों के बजाय आम आदमी पार्टी की राजनीति के हित" को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।
हक
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