जयपुर, 11 फरवरी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने लंबे समय से लंबित राष्ट्रीय जनगणना को तत्काल शुरू करने की मांग की है और कहा कि इस काम में देरी से लाखों गरीब लोग सरकारी योजनाओं के वाजिब लाभ से वंचित हो रहे हैं।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जनगणना न कराने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की है।
गहलोत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘यह समझ के परे है कि 2021 में प्रस्तावित जनगणना को कोविड-19 महामारी का बहाना देकर स्थगित किया गया तथा चार साल बीत जाने के बाद भी जनगणना नहीं करवाई जा रही है। देश की आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि जनगणना तय समय पर नहीं हुई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जनगणना न होने के कारण सरकारी योजनाओं, खासकर खाद्य सुरक्षा योजना की ‘प्लानिंग’ ठीक से नहीं हो पा रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘14 साल पुराने आंकड़ों से बनाई गई योजनाओं के कारण एक बड़ा वर्ग लाभान्वित नहीं हो पा रहा है। उदाहरण के लिए 2011 में 14 साल का बच्चा आज 28 साल का युवा हो चुका है लेकिन जनगणना नहीं होने के कारण खाद्य सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पाएगा।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘केन्द्र सरकार को जल्द से जल्द जनगणना शुरू करवानी चाहिए जिससे नए आंकड़ों से अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।’’
कांग्रेस नेता ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा।
गहलोत ने कहा, ‘‘सीकर में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, श्रीगंगानगर में किशोरी से दुष्कर्म के कारण उसके गर्भवती होने की ये खबरें राजस्थान सरकार की पोल खोल रही हैं। राज्य सरकार केवल थोथे गाल बजाकर कानून-व्यवस्था पर राग अलापती है लेकिन असलियत ये है कि राजस्थान में कोई भी बालिका या महिला सुरक्षित नहीं है।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मख्यमंत्री जी ने दो घंटे लंबा भाषण विधानसभा में दिया पर महिला सुरक्षा पर कुछ ठोस बात नहीं कही। यह दिखाता है कि महिला सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल ही नहीं है।’’
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी मांग दोहराते हुए हाशिए पर पड़े समुदायों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए जाति आधारित जनगणना की आवश्यकता पर बल दिया।
जूली ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘भारत सरकार द्वारा 2021 की जाति आधारित जनगणना को कोरोना के बहाने से टाला गया था, लेकिन आज चार साल बाद भी जनगणना क्यों नहीं हो रही? यह गरीबों के प्रति उनकी मानसिकता को दर्शा रहा है ।’’
जूली ने कहा, ‘‘केंद्र की भाजपा सरकार को जल्द से जल्द जनगणना करानी चाहिए ताकि हर जरूरतमंद को उसका हक और अधिकार मिले।’’
कांग्रेस नेताओं की यह मांग पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा संसद में इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद आई है, जिसमें उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि प्रभावी शासन और संसाधनों के समान वितरण के लिए अद्यतन जनगणना के आंकड़े महत्वपूर्ण हैं।
कुंज
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