देश की खबरें | कांग्रेस नेता बाजवा ने मंत्री के खिलाफ ‘यौन दुराचार’ के आरोपों पर पंजाब के राज्यपाल को पत्र लिखा

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चंडीगढ़, दो जून कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वह यौन दुराचार के आरोपों का सामना कर रहे मंत्री लाल चंद कटारुचक से संबंधित मामले को स्वत: संज्ञान के लिए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भेज दें।

पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाजवा ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘मंत्री लाल चंद कटारुचक के मामले में न्याय के लिए मैं पंजाब के राज्यपाल से आग्रह करता हूं कि वह इस मामले को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भेज दें, ताकि इसे स्वत: संज्ञान रिट याचिका के रूप में लिया जा सके और निष्पक्ष जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपा जाए।’’

उन्होंने दावा किया कि ‘‘राज्यपाल के स्तर पर वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि के बाद भी, मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने कदम पीछे खींच रहे हैं और दागी मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।’’

पुरोहित को लिखे अपने पत्र में बाजवा ने लिखा है कि मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार में मंत्री कटारुचक से जुड़ा मामला ‘‘चर्चा का विषय बन गया है और आपके (राज्यपाल) स्तर पर वीडियो की प्रामाणिकता की वैज्ञानिक पुष्टि के बाद भी उनके मंत्री बने रहने के कारण पद की मर्यादा तार-तार हो रही।’’

मंत्री के खिलाफ ‘‘यौन दुराचार’’ के आरोप की जांच के लिए पंजाब पुलिस द्वारा तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने का उल्लेख करते हुए, बाजवा ने लिखा कि ‘‘साफ तौर पर मंत्री के खिलाफ कार्रवाई को लंबा खींचने के लिए ऐसा किया गया है।’’

राज्यपाल ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री मान से कटारुचक के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। मंत्री पर जघन्य अपराध करने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्हें मंत्रिमंडल में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

इससे पूर्व, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने कटारुचक के खिलाफ गुरदासपुर के एक पुरुष पीड़ित द्वारा ‘‘यौन दुराचार’’ की शिकायत के बाद पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया था। पंजाब पुलिस ने बाद में एसआईटी का गठन किया था।

इस मुद्दे को लेकर आप सरकार की आलोचना हो रही है और विपक्षी दल कटारुचक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

एनसीएससी ने पीड़ित की शिकायत के हवाले से कहा था कि मंत्री ने कथित तौर पर ‘‘2013-14 में फेसबुक पर दोस्ती का प्रस्ताव भेजकर पीड़ित से संपर्क किया था और जब उसने इसे स्वीकार कर लिया, तो कटारुचक ने गलत हरकतें करनी शुरू कीं।’’

पीड़ित ने दावा किया था, ‘‘चूंकि वह (कटारुचक) एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं, उन्होंने मुझे सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, जिसके कारण मैं चुप रहा। मैं उस समय बहुत छोटा था, जिससे चीजें समझ नहीं पाया। लेकिन उनका यौन दुराचार 2021 तक जारी रहा। हालांकि, वह मुझसे आखिरी बार 2021 में दिवाली पर मिले थे और उन्होंने मुझे न तो नौकरी दी और न ही उसके बाद मुझसे मुलाकात की।’’

कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने फॉरेंसिक जांच के लिए राज्यपाल को आप के मंत्री की आपत्तिजनक वीडियो क्लिप सौंपी थी। हालांकि, उन्होंने मंत्री का नाम नहीं लिया था। पुरोहित ने तब कटारुचक के ‘‘आपत्तिजनक’’ वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट मान को भेज दी थी।

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