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कांग्रेस ने कई बार संविधान की आत्मा को चोट पहुंचाई, सही मायने में भाजपा ही इसकी रक्षक: जे पी नड्डा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने मंगलवार को कांग्रेस पर संविधान की आत्मा को अनेकों बार चोट पहुंचाने का आरोप लगाया और दावा किया कि सही मायने में उनकी पार्टी ही संविधान की रक्षक है.

कांग्रेस ने कई बार संविधान की आत्मा को चोट पहुंचाई, सही मायने में भाजपा ही इसकी रक्षक: जे पी नड्डा
JP Nadda (img: FB)

नयी दिल्ली, 26 नवंबर : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने मंगलवार को कांग्रेस पर संविधान की आत्मा को अनेकों बार चोट पहुंचाने का आरोप लगाया और दावा किया कि सही मायने में उनकी पार्टी ही संविधान की रक्षक है. संविधान को अंगीकार किए जाने की 75वीं वर्षगांठ पर पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नड्डा ने यह भी दावा किया कि संविधान की आत्मा को लागू करने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार पूरी तरह सफल हुई है. उन्होंने कहा, ‘‘संविधान तो बना हुआ था. संविधान तो ये कहता था कि सभी राज्य बराबर हैं, सभी राज्य भारत के अभिन्न अंग हैं. फिर अनुच्छेद 370 को निरस्त करने में क्या दिक्कत आ रही थी? पांच अगस्‍त, 2019 को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 को समाप्त किया गया. 75 साल बाद, इस साल जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने पहली बार भारत के संविधान की शपथ ली है.’’

नड्डा ने कहा कि यह खुशी की बात है लेकिन साथ ही यह तथ्य यह सोचने के लिए भी मजबूर करता है कि जिन्होंने इतने सालों तक देश पर शासन किया, उनकी चेतना में संविधान के लिए कोई जगह नहीं थी. उन्होंने कहा, ‘‘अपने स्वार्थ की सिद्धि के लिए कुछ लोगों ने और विशेषकर एक पार्टी ने संविधान की आत्मा को अनेकों बार चोट पहुंचाने और तोड़ने का प्रयास किया. इसलिए दो वर्षों तक आपातकाल लगा रहा. अभिव्यक्ति की आजादी और प्रेस की स्वतंत्रता को छीन लिया गया. लाखों लोगों को जेल में डाल दिया गया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘सही मायने में संविधान के रक्षक हम हैं और हमने संविधान की रक्षा की है.’’ यह भी पढ़ें : आंबेडकर ने जो संविधान दिया था उसमें ‘सेक्युलर’ और ‘समाजवादी’ शब्द नहीं थे: योगी आदित्यनाथ

नड्डा ने याद दिलाया कि नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर 'संविधान गौरव यात्रा' की शुरुआत की और 2014 में भारत का प्रधानमंत्री बनने के बाद 19 नवंबर, 2015 को एक अधिसूचना जारी कर 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की. उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरी भावना के साथ सहकारी संघवाद को आगे बढ़ाने का काम करेंगे. संविधान की आत्मा को लागू करने में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार पूरी तरह सफल हुई है.’’ इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री भाजपा के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 26, 2024 02:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).