नयी दिल्ली, 19 सितंबर लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को सदन में कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी विधेयक को पारित कराने के लिए उनकी पार्टी की सरकारों ने कई बार प्रयास किए तथा 2010 में राज्यसभा से पारित विधेयक आज भी जीवित है।
इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि चौधरी के बताए ये दोनों तथ्य गलत हैं कि राजीव गांधी के समय लोकसभा ने महिला आरक्षण विधेयक पारित किया था और 2010 का विधेयक आज भी जीवित है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता अपनी बात वापस लें या फिर साक्ष्य सदन के पटल पर रखें।
इसके बाद सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष में नोकझोंक देखने को मिली।
नए संसद भवन में लोकसभा की कार्यवाही के पहले दिन चौधरी ने यह भी कहा कि ‘भारत’ और ‘इंडिया’ दोनों एक हैं और इन दोनों में किसी तरह की भिन्नता पैदा करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘संसद के नए भवन की कल्पना कोई नई बात नहीं है। मीरा कुमार ने सबसे यह पहले मुद्दा उठाया था। सुमित्रा महाजन ने भी नए संसद भवन की जरूरत की बात की थी।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह संसद सिर्फ सांसदों की नहीं, बल्कि हर नागरिक की है।
उन्होंने सत्तापक्ष से कहा, ‘‘आप जो भी करिये, यह मानकर चलिए कि संविधान सर्वोपरि है।’’
चौधरी ने कहा, ‘‘अब तक हिंदुत्व की बात होती है, क्या अब ‘हिंदीत्व’ के बारे में बात होगी? ... के आधार पर कोई दरार नहीं होनी चाहिए।’’
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