नयी दिल्ली, सात मार्च भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कर्नाटक सरकार के बजट को मुसलमानों का ‘स्पष्ट तुष्टीकरण’ करार दिया और आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक समुदाय के लिए इसमें किया गया प्रस्ताव राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस के 'नए आइकन' औरंगजेब से प्रेरित लगता है।
राज्य विधानसभा में 2025-26 के लिए बजट पेश करते हुए, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए कई घोषणाएं कीं, जिसमें वक्फ संपत्तियों की मरम्मत और नवीनीकरण, बुनियादी ढांचे और मुस्लिम कब्रिस्तानों की सुरक्षा के लिए 150 करोड़ रुपये का आवंटन शामिल है।
सिद्धरमैया ने इस वित्त वर्ष में 1,000 करोड़ रुपये के परिव्यय पर मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कॉलोनी विकास कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए एक कार्य योजना का भी प्रस्ताव दिया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल एंटनी ने पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘कांग्रेस धीरे-धीरे लेकिन निश्चित तौर पर सामाजिक न्याय पर अपनी हर पहचान को नजरअंदाज कर रही है और अब मोहम्मद अली जिन्ना की मुस्लिम लीग के आधुनिक संस्करण के रूप में विकसित हो रही है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार कांग्रेस के लिए ‘तुष्टिकरण का उदाहरण’ बन रही है।
उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लिए किए गए प्रस्तावों को ‘स्पष्ट तुष्टिकरण’ करार देते हुए कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि बजट उनके नए आइकन औरंगजेब से प्रेरित है।’’
भाजपा नेता ने वक्फ संपत्तियों की मरम्मत, आधारभूत संरचना और मुस्लिम कब्रिस्तानों के संरक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित करने के प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कर्नाटक सरकार ऐसे समय में यह प्रस्ताव लेकर आई है जब केंद्र सरकार वक्फ अधिनियम में संशोधन के लिए संसद में विधेयक लाने वाली है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार ने इस मद में धन के आवंटन का प्रस्ताव ऐसे समय में दिया है जब कुल एक लाख एकड़ में से लगभग 85,000 एकड़ भूमि, अतिक्रमण के आरोपों के कारण विवादित है।
उन्होंने कहा, ‘‘इतना तुष्टिकरण क्यों? क्या कर्नाटक में अल्पसंख्यक समुदाय का मतलब केवल मुस्लिम है।’’
उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार ‘तुष्टिकरण’ वाले सभी कदमों को वापस ले।
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