कांग्रेस ने 'गरीबी हटाओ' का नारा दिया, लेकिन हकीकत में इसके शासन में गरीबी बढ़ी : मोदी
गरीबी उन्मूलन को लेकर पिछली कांग्रेस सरकारों के दावों पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आरोप लगाया कि इस सबसे पुरानी पार्टी के शासन में वास्तव में गरीबी बढ़ी थी क्योंकि इसने केवल नारे लगाए और कोई ठोस काम करने के बजाय देश को गुमराह किया.
बोदेली (गुजरात), 1 दिसंबर : गरीबी उन्मूलन को लेकर पिछली कांग्रेस सरकारों के दावों पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने आरोप लगाया कि इस सबसे पुरानी पार्टी के शासन में वास्तव में गरीबी बढ़ी थी क्योंकि इसने केवल नारे लगाए और कोई ठोस काम करने के बजाय देश को गुमराह किया. वह गुजरात में छोटा उदयपुर जिले के बोदेली नगर में एक रैली को संबोधित कर रहे थे, जहां पांच दिसंबर को विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदान होगा. मोदी ने आरोप लगाया, ‘‘दशकों से कांग्रेस एक ही बात कहती आ रही है - गरीबी हटाओ. लोगों ने आपको वह करने की ताकत दी थी, लेकिन आप लोगों से गरीबी हटाने के लिए कह रहे थे. उन्होंने सिर्फ नारेबाजी की, वादे किए और लोगों को गुमराह किया. यही कारण था कि वास्तव में कांग्रेस की सरकारों के दौरान गरीबी बढ़ी.’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली सरकार की नीतियों के कारण, गरीब नागरिक अर्थव्यवस्था में सक्रिय भूमिका नहीं निभा सके. उन्होंने कहा कि हालांकि कांग्रेस के शासन में बैंकों का राष्ट्रीयकरण हो गया था, लेकिन गरीब अपने बैंक खाते नहीं खोल सकते थे. प्रधानमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस ने अपनी सरकार के दौरान गरीब लोगों, आदिवासियों और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक क्षेत्र में प्राथमिकता नहीं दी. इस साल की शुरुआत में आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति चुने जाने का जिक्र करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी एक आदिवासी महिला के देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर आसीन होने के पक्ष में नहीं थी और इसलिए उसने अपना उम्मीदवार खड़ा किया. यह भी पढ़ें : कर्नाटक में मुस्लिम छात्राओं के लिए कॉलेज खोलने का कोई प्रस्ताव नहीं: बोम्मई
उन्होंने कहा, ‘‘वह (मुर्मू) हर आदिवासी परिवार और हर नागरिक का गौरव हैं. लेकिन कांग्रेस ने उनकी उम्मीदवारी का विरोध किया था. वे किसी आदिवासी महिला को भारत का राष्ट्रपति नहीं बनाना चाहते थे. इसलिए उन्होंने उनके खिलाफ उम्मीदवार खड़ा किया. नहीं तो, वह सर्वसम्मति से चुनी गई होतीं. गुजरात विधानसभा की कुल 182 सीट में से 89 सीट पर पहले चरण में बृहस्पतिवार को मतदान जारी है. शेष 93 सीट पर पांच दिसंबर को दूसरे चरण में मतदान होगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 01, 2022 04:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

