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देश की खबरें | केंद्रीय कृषि कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए कांग्रेस ने आदर्श कानून का मसौदा तैयार किया

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देश की खबरें | केंद्रीय कृषि कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए कांग्रेस ने आदर्श कानून का मसौदा तैयार किया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, दो अक्टूबर कांग्रेस ने कृषि संबंधी कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए एक आदर्श कानून का मसौदा तैयार किया है जिन्हें पार्टी शासित राज्यों की विधानसभाओं में पारित कराया जाएगा।

सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि आदर्श कानून का मसौदा तैयार किया गया है और इसे कांग्रेस शासित राज्यों को भेजा जाएगा ताकि वहां की विधानसभाओं में इसे मंजूरी दी जा सके।

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इस कदम से कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से पार्टी शासित राज्यों से केंद्रीय कृषि कानूनों को निष्प्रभावी करने वाले कानून बनाने के बारे में विचार करने को कहा गया था।

पार्टी ने इस कानून का मसौदा उस वक्त तैयार किया है जब चार अक्टूबर से कांग्रेस पंजाब और हरियाणा में ट्रैक्टर रैली निकालने जा रही है। इसमें पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल होंगे।

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कांग्रेस कृषि संबंधी केंद्रीय कानूनों का पुरजोर विरोध कर रही है। उसने शुक्रवार को गांधी जयंती के अवसर पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन की शुरुआत की।

कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी शासित राज्यों से कहा है कि वे संविधान के अनुच्छेद 254 (ए) के तहत कानून पारित करने के संदर्भ में गौर करें।

पार्टी का दावा है कि यह अनुच्छेद इन ‘कृषि विरोधी एवं राज्यों के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करने वाले' केंद्रीय कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए राज्य विधानसभाओं को कानून पारित करने का हक देता है।

गौरतलब है कि वर्तमान में पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में कांग्रेस की सरकारें हैं। जबकि महाराष्ट्र और झारखंड में वह गठबंधन सरकार का हिस्सा है।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि कुछ भाजपा विरोधी दलों के शासन वाले राज्यों में भी केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ कानून पारित किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न मानसून सत्र में संसद ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को इन विधेयकों को स्वीकृति प्रदान कर दी, जिसके बाद ये कानून बन गए।

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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 02, 2020 04:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).