तिरूवनंतपुरम, सात अक्टूबर केरल की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने समुदाय आधारित जनसंख्या असंतुलन टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की शुक्रवार को तीखी आलोचना की और कहा कि यह राजनीतिक लाभ के लिए समुदाय में घृणा फैलाने के "सांप्रदायिक एजेंडे" का हिस्सा है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीसन ने कहा कि यह ‘दुष्प्रचार’ दक्षिणपंथी संगठन के सांप्रदायिक एजेंडे का भी हिस्सा है।
कांग्रेस नेता ने यहां संवाददाताओं से कहा, "जनसंख्या नियंत्रण के संबंध में आरएसएस प्रमुख का भाषण राजनीतिक लाभ के लिए समाज में नफरत फैलाने एवं लोगों के बीच धार्मिक विभाजन पैदा करने की खातिर तैयार किए गए सांप्रदायिक एजेंडे का हिस्सा है।"
उन्होंने भागवत की टिप्पणी को ‘निराधार’ भी बताया।
इससे पहले बृहस्पतिवार को, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भागवत पर निशाना साधते हुए कहा कि विजयदशमी पर उनका भाषण किसी तथ्य या आंकड़ों पर आधारित नहीं था, बल्कि यह आगामी चुनावों में लाभ लेने के उद्देश्य से कहा गया एक "झूठ" था।
भागवत ने बुधवार को कहा था कि राष्ट्र को सभी सामाजिक समूहों पर समान रूप से लागू एक व्यापक जनसंख्या नियंत्रण नीति तैयार करनी चाहिए और समुदाय आधारित "जनसंख्या असंतुलन" एक महत्वपूर्ण विषय है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
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