(अनवारुल हक)
हैदराबाद, 17 सितंबर कांग्रेस ने अपनी कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की दो दिवसीय बैठक के बाद, पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पार्टी को निर्णायक जनादेश मिलने की रविवार को उम्मीद जताई और आगे की लड़ाई के लिए कमर कसने की घोषणा करते हुए कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए केंद्र की ‘तानाशाह’ सरकार को हटाना जरूरी है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विस्तारित कार्य समिति की बैठक में पार्टी के नेताओं को दो टूक नसीहत भी दी कि वे अनुशासित व एकजुट रहें और अपने व्यक्तिगत मतभेदों को दूर रखकर इसकी सफलता को प्राथमिकता दें तथा ऐसा कुछ नहीं करें, जिससे पार्टी को नुकसान हो।
पार्टी की विस्तारित कार्य समिति की बैठक में 2024 के लोकसभा चुनाव और तेलंगाना समेत पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति, आगे की रूपरेखा, संगठन को मजबूत बनाने तथा कुछ अन्य विषयों पर चर्चा की गई।
पार्टी की पुनर्गठित कार्य समिति की पहली बैठक शनिवार को हुई थी और रविवार को विस्तारित कार्य समिति की बैठक हुई। विस्तारित कार्य समिति में कार्य समिति के सदस्यों, विशेष आमंत्रित सदस्यों, स्थायी आमंत्रित सदस्यों के अलावा पार्टी की प्रदेश इकाइयों के अध्यक्ष, विधायक दल के नेता, संसदीय दल के पदाधिकारी तथा केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य शामिल होते हैं।
विस्तारित कार्य समिति की रविवार की बैठक में खरगे, पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, कांग्रेस की प्रदेश इकाइयों के अध्यक्ष तथा पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
सूत्रों का कहना है कि ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत आम आदमी पार्टी (आप) के साथ तालमेल को लेकर दिल्ली और पंजाब के कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में आप की सक्रियता और बयानों का हवाला देते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी के साथ सीटों के तालमेल को लेकर जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
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