(गुरदीप सिंह)
सिंगापुर, 28 अप्रैल कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा मारे गए 26 लोगों के परिवारों के प्रति सोमवार को 'भारत-सिंगापुर फ्यूचर्स फोरम' के उद्घाटन समारोह में संवेदना व्यक्त की गई।
सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अम्बुले ने फोरम के प्रतिनिधियों को पिछले मंगलवार को आतंकवादियों द्वारा की गई "दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद" हत्याओं के तरीके से अवगत कराया।
दूत ने कहा, "पीड़ितों का धर्म पूछकर हत्या करने का तरीका भयावह था।"
अम्बुले के साथ मिलकर हमले की निंदा करते हुए मुख्य वक्ता और सिंगापुर के राजदूत प्रोफेसर टॉमी कोह ने कहा, "आतंकवाद के संकट से लड़ने में सिंगापुर भारत के साथ खड़ा है।"
पिछले सप्ताह विदेश मंत्रालय (एमएफए) ने कहा था, "सिंगापुर 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई है।"
अपने मुख्य भाषण में प्रोफेसर कोह ने सिंगापुर-भारत द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैश्विक स्तर पर अव्यवस्थित बदलाव का भी उल्लेख किया, जो मुक्त व्यापार और खुली अर्थव्यवस्था से दूर होकर संरक्षणवाद और आर्थिक राष्ट्रवाद की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, "वैश्विक सहयोग की जगह बढ़ती प्रतिस्पर्धा और अविश्वास ले रहा है।"
प्रोफेसर कोह ने फोरम को बताया कि ऐसी उथल-पुथल और चुनौतियों का सामना करते हुए, हमें भारत और सिंगापुर जैसे समान विचारधारा वाले और विश्वसनीय मित्रों की आवश्यकता है।
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