नयी दिल्ली, नौ अगस्त केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए शिवाजी स्टेडियम के आधुनिकीकरण में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में वांछित चीनी नागरिक जियाशु झाओ के प्रत्यर्पण की मांग करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई अभी तक जियाशु के खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी कराने के प्रयासों में नाकाम रही है। जियाशु ‘चाइना रेलवे शिसिजु ग्रुप कॉरपोरेशन इन इंडिया’ का कथित प्रतिनिधि है।
उन्होंने बताया कि सीबीआई भारत और चीन के बीच परस्पर विधि सहायता संधि (एमएलएटी) न होने के कारण उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट तामील नहीं कर सकी।
अधिकारियों ने पिछले तीन वर्षों में चीनी नागरिक के खिलाफ इंटरपोल से रेड नोटिस जारी कराने की असफल कोशिशों पर ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने बताया कि जियाशु को इस मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल आरोपपत्र में नयी दिल्ली नगरपालिका (एनडीएमसी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बतौर आरोपी नामजद किया गया है।
उन्होंने बताया कि सीबीआई के जियाशु के खिलाफ समन तथा गैर-जमानती वारंटी तामील न करा पाने के कारण उसके मुकदमे को अन्य आरोपियों के मुकदमे से अलग कर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने अब आरोपी चीनी नागरिक के प्रत्यर्पण के लिए एक अर्जी दायर करने का फैसला किया है।
यह मामला 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए शिवाजी स्टेडियम के आधुनिकीकरण में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है।
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