नयी दिल्ली, 28 जुलाई सरकार ने संसद की एक समिति को बताया कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ भारत के मजबूत, सतत सामरिक और सांस्कृतिक संबंधों को देखते हुए वहां भारतीय सांस्कृतिक केंद्र खोलने की समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखा गया है।
लोकसभा में पेश ‘भारत की सॉफ्ट पॉवर और सांस्कृतिक कूटनीति : संभावनाएं और सीमाएं’ विषय पर विदेश मामलों संबंधी समिति के 16वें प्रतिवेदन पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई रिपोर्ट में यह बात कही गई है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद पी पी चौधरी की अध्यक्षता वाली समिति ने यह रिपोर्ट शुक्रवार को पेश की।
रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने आपने उत्तर में बताया कि विदेश में भारतीय सांस्कृतिक केंद्रों की स्थापना भारत की विदेश नीति की रूपरेखा के भीतर पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के प्रयासों का हिस्सा है।
उसने कहा कि विदेशों में सांस्कृतिक केंद्र खोलने की प्रक्रिया विदेशों में संबंधित भारतीय मिशन की सिफारिश और भारत एवं मेजबान देश के बीच द्विपक्षीय संबंध, प्रस्तावित कार्यकलापों को शुरू करना, भारतीय मूल के लोगों (पीओआई) की संख्या के साथ जनसंख्या, स्थानीय अनौपचारिकताओं को पूरा करना तथा अनुमोदन प्राप्त करना और मेजबान देश से आईसीसीआर छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत अध्ययनरत छात्रों की संख्या पर निर्भर है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि बड़ी संख्या में प्रवासियों की उपस्थिति तथा भारत के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ मजबूत और सतत सामरिक और सांस्कृतिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए यूएई में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र खोलने के लिए समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखा गया है।
संसदीय समिति ने अपने प्रतिवेदन में कहा था कि वह इस बात से अवगत है कि वर्तमान में 37 भारतीय सांस्कृतिक केंद्र विदेशों में कार्य कर रहे हैं तथा पेरिस, वाशिंगटन और तेल अबीब में केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है।
उसने कहा था कि विदेशों में भारत की संस्थागत सांस्कृतिक पहुंच और प्रमुख साधन के रूप में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र महत्वपूर्ण रणनीतिक आर्थिक और राजनीतिक एवं सांस्कृतिक वाले देशों में स्थित हैं।
रिपोर्ट के अनुसार समिति ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि इन मानकों के लागू होने के बावजूद मंत्रालय के पास पूरे खाड़ी क्षेत्र में कोई भारतीय सांस्कृतिक केंद्र नहीं है।
ऐसे में समिति ने सिफारिश की थी कि खाड़ी क्षेत्र के साथ भारत के मजबूत और सतत रणनीतिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में भी एक सांस्कृतिक केंद्र खोला जाना चाहिए।
समिति ने यह भी सिफारिश की थी कि वाशिंगटन, पेरिस और तेल अवीव में भी इस वर्ष के अंदर केंद्र खोला जाना चाहिए।
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