नयी दिल्ली, 14 जून दिल्ली में निर्माणाधीन द्वारका एक्सप्रेसवे पर हुई दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए पुल विशेषज्ञों की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।
यह एक्सप्रेसवे पूरा बनने के बाद दिल्ली के द्वारका को गुरुग्राम में खेड़की दौला टोल से जोड़ेगा।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा, “द्वारका एक्सप्रेसवे पर शिव मूर्ति इंटरचेंज के फ्लाईओवर का नौवां और 10वां खंभा 14 जून 2023 को गिर गया। एनएचआईए के अधिकारी, प्राधिकरण के इंजीनियर और पुल विशेषज्ञ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए पुल विशेषज्ञों की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है।”
मंत्रालय ने कहा कि टीम के दो सदस्य पहले से ही स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं और तीसरा सदस्य कल सुबह स्थल पर पहुंचेगा। समिति सभी पहलुओं की विस्तार से जांच करेगी और चार सप्ताह में रिपोर्ट पेश करेगी।
मंत्रालय ने कहा कि साइट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह यांत्रिक विफलता का मामला प्रतीत होता है।
भारत के पहले पहले आठ लेन वाले द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग नौ हजार करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मई में कहा था कि एक्सप्रेसवे का निर्माण अप्रैल 2024 तक पूरा हो जाएगा।
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