West Bengal: पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- गरीबों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध
प्रधानमंत्री मोदी की प्रखर आलोचक बनर्जी ने यह भी कहा कि वह इस कार्यक्रम में इसलिए शामिल हुई हैं क्योंकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने उन्हें दो-दो बार आमंत्रित किया. साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी सरकार मतभेदों और अपने फैसलों पर ‘‘राज्यपाल द्वारा सवाल उठाए जाने’’ के बावजूद केंद्र की ओर से जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन कर रही है.
कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सुविधाएं गरीब और मध्यम वर्ग को मुहैया कराने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए शुक्रवार को यहां चित्तरंजन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (CNCI) के दूसरे परिसर का उद्घाटन किया. वीडियो कांफ्रेंस (Video Conference) के माध्यम से हुए इस उद्घाटन समारोह में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) भी शामिल हुईं. PM Modi Punjab Visit: पीएम मोदी कृषि कानूनों की वापसी के बाद आज पहली बार पंजाब जाएंगे, राज्य के विकास के लिए देंगे करोड़ों रूपए की सौगात
बनर्जी ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान ही वह इस परिसर का उद्घाटन कर चुकी हैं क्योंकि उस वक्त कोरोना वायरस संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनके इलाज के लिए यह जरूरी हो गया था.
प्रधानमंत्री मोदी की प्रखर आलोचक बनर्जी ने यह भी कहा कि वह इस कार्यक्रम में इसलिए शामिल हुई हैं क्योंकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने उन्हें दो-दो बार आमंत्रित किया. साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी सरकार मतभेदों और अपने फैसलों पर ‘‘राज्यपाल द्वारा सवाल उठाए जाने’’ के बावजूद केंद्र की ओर से जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन कर रही है.
करीब 534 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार 460 बिस्तरों वाले इस कैंसर केयर यूनिट को राष्ट्र को समर्पित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत ने अपने नागरिकों को महामारी रोधी टीके की 150 करोड़ खुराक देकर एक ‘‘ऐतिहासिक मुकाम’’ हासिल किया है और दुनिया के ज्यादातर बड़े-बड़े देशों के लिए भी यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि अस्पताल के नए परिसर के उद्घाटन से, ‘‘ देश के हर नागरिक तक उत्तम स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के संकल्पों को आगे बढ़ाने की दिशा में हमने एक और कदम बढ़ाया है. यह परिसर पश्चिम बंगाल के अनेक नागरिकों के लिए सुविधा लेकर आया है. इससे विशेष रूप से उन गरीब, मध्यम वर्गीय परिवारों को बहुत राहत मिलेगी, जिनका कोई अपना कैंसर से मुकाबला कर रहा है.’’
टीकाकरण अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज ही देश ने एक और महत्वपूर्ण पड़ाव को पार किया है. उन्होंने कहा, ‘‘साल की शुरुआत देश में 15 से 18 साल की उम्र के बच्चों के लिए टीकाकरण से की गई, वहीं आज साल के पहले महीने के पहले हफ्ते में भारत ने टीकों की 150 करोड़ खुराक के ऐतिहासिक मुकाम को भी हासिल किया है.’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि टीकों की 150 करोड़ खुराक और वह भी एक साल से कम समय में देने का लक्ष्य हासिल करना बहुत बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा, ‘‘यह आंकड़ों के हिसाब से बहुत बड़ी संख्या है. दुनिया के ज्यादातर बड़े देशों के लिए भी यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है. लेकिन भारत के लिए यह 130 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य का प्रतीक है. यह नए भारत की नई इच्छाशक्ति का प्रतीक है, जो असंभव को संभव करने के लिए कुछ भी कर गुजरने का हौसला रखता हैं.’’
उन्होंने कहा कि यह देश के नए आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर भारत और गौरव को प्रदर्शित करता है. उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में टीकाकरण कार्यक्रम उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना खतरनाक यह वेश बदलने वाला कोरोना वायरस है.
उन्होंने कहा, ‘‘आज एक बार फिर दुनिया कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोम का सामना कर रही है. हमारे देश में भी इस नए स्वरूप के कारण, मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसलिए टीकों की 150 करोड़ खुराक का सुरक्षा कवच हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है.’’
मोदी ने कहा कि आज भारत की वयस्क आबादी में से 90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को टीके की एक खुराक लग चुकी है और सिर्फ पांच दिनों के भीतर ही डेढ़ करोड़ से ज्यादा बच्चों को भी टीकों की खुराक दी जा चुकी है.
उन्होंने कहा, ‘‘यह उपलब्धि पूरे देश की है, हर सरकार की है. मैं विशेष रूप से इस उपलब्धि के लिए देश के वैज्ञानिकों, टीका निर्माताओं और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं.’’
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना आज किफायती और समावेशी स्वास्थ्य देखभाल के मामले में एक वैश्विक मानदंड बन गयी है. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत देश भर में 2 करोड़ 60 लाख से ज्यादा मरीज, अस्पतालों में अपना मुफ्त इलाज करा चुके हैं जबकि 17 लाख से अधिक कैंसर रोगी भी लाभान्वित हुए.
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी पांच हजार से अधिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र बनाए गए हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अब तक पश्चिम बंगाल को भी कोविड रोधी टीकों की करीब-करीब 11 करोड़ खुराक मुफ्त मुहैया कराई जा चुकी हैं. साथ ही बंगाल को डेढ़ हजार से अधिक वेंटिलेटर, 9 हजार से ज्यादा नए ऑक्सीजन सिलेंडर भी दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि 49 पीएसए नए ऑक्सीजन संयंत्रों ने भी काम शुरू कर दिया है.
उन्होंने कहा कि कैंसर की बीमारी तो ऐसी है जिसका नाम सुनते ही गरीब और मध्यम वर्ग हिम्मत हारने लगता था. उन्होंने कहा, ‘‘गरीब को इसी कुचक्र... इसी चिंता... से बाहर निकालने के लिए देश सस्ते और सुलभ इलाज के वास्ते निरंतर कदम उठा रहा है.’’
उन्होंने कहा कि बीते सालों में कैंसर के इलाज के लिए जरूरी दवाओं की कीमतों में काफी कमी की गई है. आठ हजार से अधिक जन औषधि केंद्र बहुत सस्ती दरों पर दवाएं और शल्य चिकित्सा प्रदान कर रहे हैं.
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार ने चित्तरंजन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के निर्माण में आए कुल खर्च का 25 प्रतिशत हिस्सा वहन किया है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इसके लिए 11 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल ने ‘‘स्वास्थ्य साथी’’ योजना शुरु की है और इसके तहत पांच लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा है. उन्होंने कहा कि राज्य की 40 प्रतिशत आबादी को ही अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की दूसरी खुराक दी गई है. राज्य की आबादी 10 करोड़ के करीब है.
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 07, 2022 06:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

