नयी दिल्ली, 15 नवंबर वाणिज्य मंत्रालय को उम्मीद है कि इस साल के अंत तक निर्यातकों को लगभग 20,000 स्थिति धारक प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे।
यह प्रमाणपत्र उन निर्यातकों को जारी किया जाता है, जिन्होंने विदेश व्यापार में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मंत्रालय ने इन प्रमाणपत्रों को जारी करने की प्रक्रिया को स्वचालित कर दिया है।
विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) संतोष कुमार सारंगी ने बुधवार को कहा कि इन प्रमाणपत्रों को जारी करने में यह एक बड़ी छलांग होगी। अबतक 40,200 से अधिक स्थिति धारक प्रमाणपत्र जारी किए हैं।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘करीब 2,000 ऐसे आवेदन हैं, जो अपने अतीत के कारण जांच के दायरे में हैं। लेकिन अंत में उन्हें भी जारी किया जाएगा। इस साल के अंत तक, हमें उम्मीद है कि लगभग 20,000 स्थिति धारकों को इस स्वचालित प्रक्रिया के जरिए मान्यता दी जाएगी।''
पिछले महीने डीजीएफटी ने कहा था कि उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक आंकड़ों के आधार पर निर्यातक स्थिति प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे और निर्यातकों को मान्यता हासिल करने के लिए आवेदन नहीं करना होगा।
इस प्रमाणपत्र से कुछ विशेषाधिकार मिलते हैं, जिनमें विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) के तहत सरलीकृत प्रक्रियाएं, स्व-घोषणा के आधार पर प्राथमिकता के साथ सीमा शुल्क निपटान और बैंक सुविधाएं शामिल हैं।
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