देश की खबरें | पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत : धामी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया।
देहरादून, नौ अप्रैल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया।
धामी ने यहां पर्यटन और आतिथ्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पर्यटन को बढ़ावा देना उत्तराखंड राज्य के आंदोलन की जड़ में था। यह हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हमें अपने पर्यटन और आतिथ्य उद्योग को मजबूत करने के लिए सामूहिक रूप से काम करना होगा।’’ उन्होंने कहा कि 2025 में जब उत्तराखंड अपनी स्थापना की रजत जयंती मनाएगा तो राज्य पर्यटन के मामले में देश के प्रमुख राज्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि अगले महीने शुरू होने वाली ‘चार धाम यात्रा’ तीर्थयात्रियों की संख्या के मामले में इस साल सभी रिकॉर्ड तोड़ने जा रही है क्योंकि दो साल में पहली बार है कि तीर्थयात्रा बिना कोविड प्रतिबंधों के होगी। उन्होंने कहा, ‘‘यात्रा मार्ग पर होटल और विश्राम गृह लगभग एक महीने पहले पूरी तरह से बुक हो जाते हैं और होटल व्यवसायी और टूर ऑपरेटर जिनका व्यवसाय महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुआ था, वे इसके प्रभाव से उबरने वाले हैं।’’
धामी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मंच पर कहते रहते हैं कि यह दशक उत्तराखंड का है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें यहां की जनता की ताकत पर भरोसा है। उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।’’ उन्होंने पर्यटन और आतिथ्य उद्योग से जुड़े लोगों से अपील की कि वे आगंतुकों के बीच स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने के तरीकों पर विचार करें।
उन्होंने कहा कि राज्य में जारी परियोजनाओं जैसे चार धाम ऑल वेदर रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लिंक से पर्यटन और आतिथ्य उद्योग को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने देहरादून हवाईअड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के रूप में अद्यतन करने का भी जिक्र किया, जिससे राज्य को मदद मिलेगी।
राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने स्कीइंग जैसे रोमांचक, साहसिक खेलों के माध्यम से यहां शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। उन्होंने विभिन्न प्रकार के अनुभवों के लिए चार धाम के अलावा राज्य में नए धार्मिक सर्किट विकसित करने की भी बात कही।
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