भोपाल, पांच जनवरी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बृहस्पतिवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन ने कम और अनियमित वर्षा के साथ इसके स्वरूप को बदल दिया है, जिसने फसलों को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।
शेखावत ने भोपाल में आयोजित देश में पहली बार जल-संरक्षण पर राज्यों के मंत्रियों के प्रथम अखिल भारतीय वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से आयोजित यह सम्मेलन पांच-छह जनवरी को हो रहा है।
शेखावत ने कहा कि जलवायु परिवर्तन ने कम और अनियमित वर्षा के साथ इसके स्वरूप को बदल दिया है, जिसने फसल को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन, तेजी से हो रहे शहरीकरण, पानी की बढ़ती मांग और जल प्रदूषण ने पानी की प्रति व्यक्ति उपलब्धता 5000 सेमी से घटाकर 1500 सेमी कर दिया है। 2047 तक यह और कम होकर 1200 सेमी होने की संभावना है।’’
मंत्री ने कहा कि इसलिए हम सभी को इसके तरीकों पर चर्चा करनी चाहिए और इस चुनौती को समग्र रूप से दूर करें।
शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत जल और स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी बन गया है।
उन्होंने कहा कि 2047 तक हमारी आवश्यकता पानी की उपलब्धता को पार करने की संभावना है और यही कारण है कि प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस मुद्दे पर समग्र रूप से चर्चा करने के लिए सभी राज्यों के साथ यह सम्मेलन आयोजित किया जाना चाहिए ।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY