विदेश की खबरें | सूडान में पांचवे दिन भी संघर्ष जारी, संघर्ष विराम सहमति नाकाम

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. सूडानी सेना और एक प्रतिद्वंद्वी अर्धसैनिक बल मंगलवार शाम से 24 घंटे के संघर्ष विराम के लिए सहमत हुए थे, हालांकि इसका पालन नहीं दिखा।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सूडानी सेना और एक प्रतिद्वंद्वी अर्धसैनिक बल मंगलवार शाम से 24 घंटे के संघर्ष विराम के लिए सहमत हुए थे, हालांकि इसका पालन नहीं दिखा।

वहीं, संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी के अनुसार देश में सप्ताहांत में शुरू हुई हिंसा के बाद से अभी तक कम से कम 270 लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई शव सड़कों पर हैं और झड़प के कारण कई क्षेत्र पहुंच से दूर हैं।

चश्मदीदों ने बताया कि हिंसा के कारण अपने घरों में कई दिन से कैद सूडान के लोग राहत के कोई संकेत नहीं मिलने के कारण हताशा में अब अपने घरों को छोड़कर भागने लगे हैं।

खार्तूम के कई इलाकों के निवासियों ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि उन्होंने महिलाओं तथा बच्चों सहित कई लोगों को सामान ले जाते हुए देखा, कुछ पैदल जा रहे थे तो कुछ वाहनों पर।

‘डॉक्टर्स सिंडिकेट’ की सचिव अतिया अब्दुल्ला अतिया ने कहा, ‘‘खार्तूम एक डरावना शहर बन गया है।’’

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, देश में सप्ताहांत में शुरू हुई हिंसा के बाद से अभी तक कम से कम 270 लोगों की जान जा चुकी है। लगातार गोलाबारी, तोप से हमलों और हवाई हमले ने सूडान की राजधानी खार्तूम और निकटवर्ती ओमडर्मन शहर को हिलाकर रख दिया है।

स्थानीय लोगों ने सैन्य मुख्यालयों तथा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास झड़पों की जानकारी दी।

मानवाधिकारों की वकालत करने वाले तहानी अब्बास ने कहा, ‘‘ रात में छिटपुट गोलाबारी के बाद सुबह संघर्ष बढ़ गया।’’ तहानी सैन्य मुख्यालय के नजदीक रहती हैं।

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सूडान के सशस्त्र बल के प्रमुख जनरल अब्देल फत्ताह बुरहान, अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स के प्रमुख जनरल मोहम्मद हमदान से फोन पर बात की थी। दोनों प्रतिद्वंद्वी मंगलवार शाम से 24 घंटे के संघर्ष विराम के लिए सहमत हुए थे, हालांकि इसका पालन होता नजर नहीं आया।

देश की सेना और उसके पूर्व साझेदार एवं अब प्रतिद्वंद्वी ‘रैपिड सपोर्ट फोर्स समूह’ (आरएसएफ) के बीच महीनों के तनाव ने ही संघर्ष का रूप ले लिया है।

अब्दुल फतह अल बुरहान के नेतृत्व वाली सेना ने एक बयान में आरएसएफ के साथ बातचीत से इनकार करते हुए इसे भंग करने की बात कही है और इसे ‘‘बागी मिलिशिया’’ करार दिया है। वहीं, अर्द्धसैनिक समूह ‘आरएसएफ’ ने सशस्त्र बलों के प्रमुख को ‘‘अपराधी’’’ बताया।

सूडान की सेना ने अक्टूबर 2021 में तख्तापलट कर सत्ता पर कब्जा कर लिया था और तब से वह एक संप्रभु परिषद के माध्यम से देश चला रही है। सूडान पर नियंत्रण को लेकर देश की सेना तथा शक्तिशाली अर्द्धसैनिक बल के बीच लगातार खींचतान जारी है।

मिस्र सूडानी सेना का समर्थन करता है वहीं सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के आरएसएफ से घनिष्ठ संबंध हैं। इन देशों ने भी सभी पक्षों से संघर्ष विराम करने की अपील की है।

हालांकि दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बनने के बाद भी मंगलवार को पूरी रात लड़ाई जारी रही। दोनों पक्ष ने विफलता के लिए एक-दूसरे पक्ष को दोषी ठहराया।

सेना और आरएसएफ के बीच बुधवार सुबह खार्तूम में सेना मुख्यालय और पास के हवाई अड्डे के साथ ही सरकारी टेलीविजन भवन के आसपास भीषण लड़ाई हुई। शहर में बम विस्फोटों और तोपों की आवाज सुनी जा सकती थी।

अल अरबिया चैनल के एक फुटेज के अनुसार, शहर के मध्य में एक ऊंची इमारत में आग लगी हुई थी और इसकी ऊपरी मंजिलों से जलता मलबा गिर रहा था।

इस बीच, लड़ाई शुरू होने के बाद से ही खार्तूम विश्वविद्यालय के 89 छात्रों और कर्मचारियों को सेना ने मंगलवार को बचा लिया। वे लोग इंजीनियरिंग विभाग में फंसे हुए थे।

एपी

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