नयी दिल्ली, 10 जुलाई फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस लिमिटेड (एफएलएफएल) ने कहा है कि मौजूदा कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) के तहत अभी तक 17 वित्तीय ऋणदाताओं के 3,477.278 करोड़ रुपये के दावे मिले हैं।
कैटालिस्ट ट्रस्टीशिप लिमिटेड 600.40 करोड़ रुपये के साथ प्रमुख वित्तीय ऋणदाता के रूप में उभरी है। कर्ज के बोझ से दबे फ्यूचर समूह के लिए गठित ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) में इसकी 17.4 प्रतिशत वोटिंग हिस्सेदारी है।
इसके बाद क्रमशः 476.59 करोड़ रुपये और 444.76 करोड़ रुपये की ऋण राशि के साथ भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और सेंटबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (डिबेंचर ट्रस्टी) का स्थान है। सीओसी में एसबीआई की वोटिंग हिस्सेदारी 13.86 प्रतिशत और सेंटबैंक फाइनेंशियल की 12.93 प्रतिशत है।
इसके अलावा सेंटबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज (डिबेंचर ट्रस्टी) का 38.50 करोड़ रुपये का कर्ज है।
एफएलएफएल को परिचालन के लिए कर्ज देने वालों से 803.48 करोड़ रुपये के दावे प्राप्त हुए हैं, जिनका अभी समाधान पेशेवर (आरपी) द्वारा सत्यापन होना है।
समाधान पेशेवर को एफएलएफएल के कर्मचारियों से भी 38.66 करोड़ रुपये के दावे भी प्राप्त हुए हैं जो सत्यापन के अधीन हैं।
समाधान पेशेवर ने कहा, ‘‘प्राप्त दावों का सत्यापन चल रहा है और एफएलएफएल की लेखा प्रणाली तक पहुंच प्राप्त होने के बाद इसे सत्यापित किया जाएगा।’’
इससे पहले, चार मई को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने एफएलएफएल के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया था। पीठ ने यह निर्देश बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) की याचिका पर दिया था।
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