जरुरी जानकारी | सीआईआई ने चालू खाता खोलने संबंधी परिपत्र पर रिजर्व बैंक से पुनर्विचार करने को कहा

नयी दिल्ली, 27 सितंबर उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने रिजर्व बैंक से चालू खातों को खोलने संबंधी परिपत्र पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि इन दिशानिर्देशों से बैंकों के द्वारा ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं में व्यवधान आने की आशंका है जिससे दक्षता में कमी व देरी की समस्या सामने आ सकती है।

रिजर्व बैंक ने छह अगस्त को एक परिपत्र जारी किया और उसके माध्यम से कर्जदारों के द्वारा एक से अधिक चालू खाता खुलवाने पर पाबंदियां लगा दी।

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सीआईआई ने एक बयान में कहा, ‘‘आरबीआई के द्वारा घोषित दिशानिर्देश उचित इरादे के हैं, लेकिन इनके कारण बैंकों, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) व आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) के द्वारा ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं पर असर पड़ सकता है। इसके कारण परिचालन के कार्यप्रवाह में दवाब बढ़ने, दक्षता में कमी आने, देरी होने, असुविधाएं होने तथा उपभोक्ताओं को उत्पादों व सेवाओं की आपूर्ति की लागत बढ़ने के भी अनुमान हैं। इन सबके अतिरिक्त परिचालन पर जोखिम से जुड़े मुद्दे भी उपस्थित हो सकते हैं।’’

सीआईआई ने परिपत्र के दायरे से कर्जदारों की कुछ तय श्रेणियों (म्यूचुअल फंड्स, पीएमएस, बीमाकर्ता, एक्सचेंज ब्रोकर, एनबीएफसी, एचएफसी आदि जैसे अन्य विनियमित निकाय) को बाहर करने का सुझाव दिया है।

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सीआईआई ने ग्राहकों के फंड फ्लो के लिये बैंकों के बीच सूचना साझा करने की सुविधा के लिये एक केंद्रीय ढांचा स्थापित करने का भी रिजर्व बैंक से आग्रह किया है। इस पहल से बैंकों को आवश्यकतानुसार समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

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