एंटीगुआ एंड बारबुडा के मंत्रिमंडल ने लिया अहम फैसला, Mehul Choksi को डोमिनिका से सीधे भारत भेज दिया जाना चाहिए
एंटीगुआ एंड बारबूडा के मंत्रिमंडल ने एक बैठक में निर्णय लिया कि भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को डोमिनिका से सीधे भारत वापस भेज दिया जाना चाहिए. मंत्रिमंडल के निर्णय के बारे में स्थानीय मीडिया द्वारा प्रकाशित खबर से पता चलता है कि ‘‘चोकसी से जुड़ा मामला’’ बुधवार को हुई बैठक में चर्चा के विषयों में से एक था.
नयी दिल्ली, तीन जून: एंटीगुआ एंड बारबूडा के मंत्रिमंडल ने एक बैठक में निर्णय लिया कि भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को डोमिनिका से सीधे भारत वापस भेज दिया जाना चाहिए. मंत्रिमंडल के निर्णय के बारे में स्थानीय मीडिया द्वारा प्रकाशित खबर से पता चलता है कि ‘‘चोकसी से जुड़ा मामला’’ बुधवार को हुई बैठक में चर्चा के विषयों में से एक था. मीडिया के अनुसार बैठक में माना गया कि चोकसी अब डोमिनिका की ‘‘समस्या’’ है और यदि वह एंटीगुआ एंड बारबूडा वापस आता है तो कैरीबियाई देश के लिए ‘‘समस्या फिर लौट आएगी.’’ एंटीगुआ एंड बारबूडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउने की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी मंत्री भौतिक और डिजिटल रूप से शामिल हुए.
मीडिया प्रतिष्ठान ‘एंटीगुआ ब्रेकिंग न्यूज’ ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय किया गया कि कानून प्रवर्तन अधिकारी एंटीगुआ से चोकसी के ‘‘बाहर जाने’’ संबंधी परिस्थितियों के बारे में खुफिया जानकारी जुटाना जारी रखेंगे. मंत्रिमंडल के निर्णय के ब्योरे में कहा गया, ‘‘एंटीगुआ एंड बारबूडा का मंत्रिमंडल इस बात को प्राथमिकता देता है कि चोकसी को डोमिनिका से सीधे भारत भेज दिया जाना चाहिए.’’ चोकसी 23 मई को रहस्यमय तरीके से एंटीगुआ एंड बारबूडा से लापता हो गया था जहां वह नागरिक के रूप में 2018 से रह रहा था. उसे पड़ोसी द्वीप देश डोमिनिका में अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में हिरासत में लिया गया.
ऐसा कहा जाता है कि वह अपनी कथित प्रेमिका के साथ रोमांटिक तरीके से एंटीगुआ एंड बारबूडा से लापता हो गया था. चोकसी के वकीलों ने आरोप लगाया है कि एंटीगुआई और भारतीय जैसे दिखने वाले पुलिसकर्मियों ने उनके मुवक्किल का अपहरण कर लिया तथा उसे नौका के जरिए डोमिनिका पहुंचा दिया. डोमिनिका के एक उच्च न्यायालय में चोकसी की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई चल रही है. याचिका में चोकसी ने अपनी कथित अवैध हिरासत को चुनौती दी है. उसे उच्च न्यायालय के आदेश पर एक मजिस्ट्रेट के समक्ष भी पेश किया गया जहां उसने देश में अवैध प्रवेश के आरोपों को स्वीकार नहीं किया, लेकिन उसे जमानत भी नहीं मिल पाई.
पंजाब नेशनल बैंक में 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आने से कुछ सप्ताह पहले चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी जनवरी 2018 के पहले सप्ताह में भारत से भाग गए थे.
नीरव मोदी यूरोप भाग गया था और बाद में उसे लंदन में पकड़ लिया गया जहां वह भारत को प्रत्यर्पण संबंधी मुकदमे का सामना कर रहा है. चोकसी ने 2017 में एंटीगुआ एंड बारबूडा की नागरिकता ले ली थी और दिल्ली से भागने के बाद वह वहीं रह रहा था.
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 03, 2021 08:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

