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6 अगस्त की बड़ी खबरें

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं.

6 अगस्त की बड़ी खबरें
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.- झारखंड: प्रदर्शनकारी छात्रों ने की विधानसभा घेराव की घोषणा

- बांग्लादेश में शाकिब अल हसन के घर पर हमला, हसीना के कार्यक्रम में शामिल हुए थे

- होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान में सहमति बनने के संकेत

- चीन में शुरू हुआ दुनिया का पहला 16-मेगावॉट का फ्लोटिंग विंड पावर प्लेटफॉर्म

- पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टिंग पर लगाए नए प्रतिबंध

दक्षिण कोरिया में किसानों को आराम करने के लिए कह रहे ड्रोन, भीषण गर्मी बनी वजह

दक्षिण कोरिया इस वक्त भीषण गर्मी और लू से जूझ रहा है. ऐसे में देश के उत्तरी ग्योंगसांग प्रांत में किसानों को गर्मी से बचाने के लिए ड्रोनों को तैनात किया गया है. ये ड्रोन खेतों के ऊपर उड़ते हैं और किसानों को लू से बचने और आराम करने के लिए कहते हैं. इन ड्रोनों में लाउडस्पीकर और थर्मल इमेजिंग कैमरा लगे हुए हैं. इनके स्पीकरों पर "लू की चेतावनी जारी की गई है, इसलिए सावधान रहें" और “लंबे वक्त तक काम न करें” जैसी चेतावनियां गूंजती रहती हैं.

प्रांतीय अधिकारी ह्वांग हान-जाए ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि पिछले साल हीटवेव अलर्ट जारी करने के लिए ड्रोनों का इस्तेमाल शुरू किया गया. उन्होंने बताया कि इन ड्रोनों को दिन में दो बार उड़ाया जाता है और ये ऐसे इलाकों को कवर करते हैं, जहां सामान्य माध्यमों से पहुंचना मुश्किल होता है. ये ड्रोन खासतौर पर बुजुर्ग किसानों को सावधान करते हैं, जो भीषण गर्मी से होने वाली बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं. देश के अन्य इलाकों में भी ऐसे ड्रोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

दक्षिण कोरिया में इस साल भीषण गर्मी के चलते 21 लोगों की मौत हो चुकी है. राष्ट्रपति ली जे म्यूंग ने लू को "राष्ट्रीय आपदा" करार दिया है और गुरुवार को व्यापक स्तर पर कदम उठाने के आदेश दिए हैं. इस साल देश के पूर्वी प्रांत में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. यह एक महत्वपूर्ण कृषि क्षेत्र है, जहां देश के 16 फीसदी से अधिक कृषि पर निर्भर परिवार रहते हैं.

जर्मनी: म्यूनिख कार हमले के दोषी को उम्रकैद, प्रदर्शनकारियों पर चढ़ाई थी कार

जर्मनी की एक अदालत ने म्यूनिख में यूनियन प्रदर्शन के दौरान लोगों पर गाड़ी चढ़ाने वाले फरहाद एन* को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस हमले में एक मां और उनके दो साल के बच्चे की मौत हो गई थी, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हुए थे.

बवेरिया की उच्च क्षेत्रीय अदालत ने 25 वर्षीय अफगान नागरिक फरहाद एन को हत्या और हत्या के प्रयास के आरोपों में दोषी पाया. अदालत ने माना कि आरोपी का अपराध 'अत्यंत गंभीर श्रेणी' में आता है, जिसके कारण उसकी समय से पहले जेल से रिहाई की संभावना लगभग खत्म हो गई है.

यह हमला फरवरी 2025 में हुआ था, जब दोषी ने 'वर्डी' ट्रेड यूनियन के शांतिपूर्ण प्रदर्शन में जानबूझकर तेज रफ्तार कार घुसा दी थी. अदालत ने आरोपी को दो मौतों और 23 लोगों की हत्या के प्रयास का दोषी माना है.

जांच अधिकारियों के अनुसार, यह हमला धार्मिक व राजनीतिक सोच, अकेलेपन और मानसिक अशांति के मिले-जुले कारणों से प्रेरित था. हालांकि, सुनवाई के दौरान दोषी ने अपने इस खौफनाक कदम की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई. वहीं बचाव पक्ष ने उसे 15 साल की सजा और मनोरोग केंद्र भेजने की अपील की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया.

*जर्मनी में निजता के अधिकार और पुनर्वास कानून के तहत संदिग्धों और अपराधियों का पूरा नाम मीडिया में उजागर नहीं किया जाता

नेपाल में तिब्बती अध्ययन से जुड़ी कॉन्फ्रेंस रद्द, सरकारी अधिकारियों ने की थी मांग

नेपाल में इस महीने होने वाली तिब्बती अध्ययन से जुड़ी एक कॉन्फ्रेंस रद्द कर दी गई है. काठमांडू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सागर राज शर्मा ने बताया कि शीर्ष सरकारी अधिकारियों ने उनसे इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन नहीं करने के लिए कहा था. अधिकारियों की ओर से इस मांग की कोई वजह नहीं बताई गई है.

तिब्बती अध्ययन से जुड़े इस सेमिनार का आयोजन 23 से 26 अगस्त तक होना था. काठमांडू विश्वविद्यालय का हिमालयन सेंटर फॉर एशियन स्टडीज इसकी मेजबानी कर रहा था और इसमें कई देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद थी.

नेपाल सरकार की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है लेकिन नेपाल के लंबे समय से चीन के साथ अच्छे संबंध रहे हैं और वह अपने यहां तिब्बत के समर्थन में गतिविधियां करने की अनुमति नहीं देता है.

चीन 1951 से तिब्बत पर शासन कर रहा है, जब कम्युनिस्ट सेनाओं ने इस हिमालयी क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद के दशकों में चीन ने कई बौद्ध मठों को तोड़ दिया और सभी तरह की राजनीतिक और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को कुचल दिया.

नेपाल में भी हजारों तिब्बती शरणार्थी हैं. वे हर साल अपने धर्मगुरु दलाई लामा का जन्मोत्सव भी मनाते हैं लेकिन ऐसे उत्सव मठों और स्कूलों के भीतर ही मनाए जाते हैं और पुलिस इन पर करीबी निगाह रखती है.

ईरान संकट के बीच सऊदी अरब जाएंगे शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर 6 से 8 अगस्त के बीच सऊदी अरब के आधिकारिक दौरे पर जा रहे हैं. पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इस उच्चस्तरीय दौरे की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों नेता रियाद में सऊदी नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे.

ईरान युद्ध के बीच हो रही इस यात्रा का उद्देश्य सिर्फ तात्कालिक हालात पर चर्चा करना ही नहीं, बल्कि द्विपक्षीय और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को संबोधित करना भी है.

पाकिस्तान इस पूरे क्षेत्र में तनाव कम करने और अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रयास कर रहा है. इस संघर्ष की चपेट में सऊदी अरब सहित कई खाड़ी देश आ चुके हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ा है.

विशेषज्ञों के अनुसार, शहबाज शरीफ और जनरल आसिम मुनीर का यह संयुक्त दौरा सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के मजबूत आर्थिक और रक्षा संबंधों को फिर से रेखांकित करता है. इस दौरान क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने, शांति वार्ता को बढ़ावा देने और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर रणनीतिक चर्चा होने की संभावना है.

सूरज की सतह की सबसे साफ और बारीक तस्वीरें आईं सामने

वैज्ञानिकों ने सूरज की सतह की अब तक की सबसे साफ और हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें हासिल करने में सफलता पाई है. हवाई में स्थित डैनियल के इनौये सोलर टेलिस्कोप से ली गई इन तस्वीरों में सूरज पर अजीबोगरीब लहरदार पैटर्न दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें देखकर वैज्ञानिक भी हैरान हैं.

नेशनल साइंस फाउंडेशन के इस विशाल दूरबीन की क्षमताओं को जांचने के दौरान वैज्ञानिकों ने ये तस्वीरें ली थीं, लेकिन रिजॉल्यूशन इतना बेहतरीन आया कि सूरज का बाहरी आवरण बेहद स्पष्ट दिखाई देने लगा. इन तस्वीरों में प्लाज्मा की तरंगे दिख रही हैं, जिन्हें देखकर वैज्ञानिकों को मशहूर चित्रकार विंसेंट वैन गॉग की पेंटिंग 'स्टारी नाइट' की याद आ गई.

शोधकर्ताओं के अनुसार, सूरज की सतह पर यह हलचल तब पैदा होती है जब चुंबकीय प्लाज्मा के कण अलग-अलग गति से एक-दूसरे के पास से गुजरते हैं. ठीक वैसे ही जैसे पानी के ऊपर तेज हवा चलने पर लहरें बनती हैं. पृथ्वी, बृहस्पति और शनि पर यह घटना पहले देखी जा चुकी है, लेकिन सौर सतह पर इसे इतनी बारीकी से पहली बार दर्ज किया गया है.

उत्तर कोरिया ने दागी संदिग्ध मिसाइल, जापान-दक्षिण कोरिया अलर्ट पर

उत्तर कोरिया ने गुरुवार को जापान सागर की ओर एक प्रोजेक्टाइल दागा है, जिसे जापान बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण मान रहा है. यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब प्योंगयांग ने जापान पर प्रशांत क्षेत्र में अपनी सेना को मजबूत करके युद्ध की तैयारी करने का आरोप लगाया है.

दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने एक बयान में पुष्टि करते हुए बताया कि उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट (जापान सागर) की तरफ एक संदिग्ध प्रोजेक्टाइल दागा है. वहीं, जापान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर आशंका जताई कि यह उत्तर कोरिया द्वारा किया गया बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण हो सकता है.

यह मिसाइल परीक्षण उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग के उस बयान के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने जापान की बढ़ती सैन्य तैयारियों की आलोचना की थी. उन्होंने चेतावनी दी थी कि टोक्यो के इस रवैये का जवाब देने के लिए उत्तर कोरिया का नेतृत्व अतिरिक्त सैन्य विकल्प तैयार करेगा.

दरअसल, जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने हाल ही में क्षेत्र में चीन, रूस और उत्तर कोरिया से बढ़ते खतरों का हवाला देते हुए देश की सैन्य शक्ति को तेजी से बढ़ाने पर जोर दिया था. टोक्यो के इसी रुख से भड़के उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया है, जिससे पूर्वी एशिया में सुरक्षा को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है.

जर्मनी: एयरपोर्ट पर विस्फोटक ड्रोन मिलने के बाद दूसरे संदिग्ध ड्रोन की तलाश जारी

जर्मनी के लाइपजिग-हाले एयरपोर्ट के रनवे पर विस्फोटक से लदा ड्रोन मिलने के एक दिन बाद सुरक्षा एजेंसियां दूसरे संदिग्ध ड्रोन की तलाश में जुट गई हैं. रनवे बंद होने और एक विमान को दूसरे शहर डायवर्ट किए जाने के बाद अधिकारियों ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है.

मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात एयरपोर्ट के दक्षिणी रनवे पर यूक्रेन के कार्गो विमान के पास विस्फोटक लगा ड्रोन बरामद हुआ था. संघीय पुलिस के विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंचकर विस्फोटक को सफलतापूर्वक डिफ्यूज किया. इसके बाद एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा बलों ने एहतियातन रनवे को बंद कर दिया.

जांच एजेंसियां अब एक दूसरे संदिग्ध ऑब्जेक्ट (ड्रोन) की तलाश कर रही हैं. अधिकारियों को अंदेशा है कि रनवे बंद होने के कारण जिस कार्गो विमान ने अपनी लैंडिंग रद्द कर दी थी और जिसे हनोवर की ओर मोड़ना पड़ा था, यह दूसरा ड्रोन उससे टकराया हो सकता है. हनोवर में उतरने के बाद उस विमान में मामूली नुकसान देखा गया है.

सैक्सनी राज्य के गृह मंत्री ने पुष्टि की है कि पुलिस और जांच दल दूसरे ड्रोन के टुकड़ों और संभावित सबूतों की तलाश कर रहे हैं. राज्य के आपराधिक पुलिस कार्यालय के अनुसार गुरुवार सुबह से खोजी अभियान फिर से शुरू कर दिया गया है ताकि घटना के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाया जा सके.

आंध्र प्रदेश में बन रहे गूगल के डेटा सेंटर का पर्यावरणविदों ने किया विरोध

आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम शहर में गूगल का डेटा सेंटर बनाया जा रहा है. आंध्र प्रदेश की टीडीपी सरकार ने इस परियोजना को ऐतिहासिक करार दिया है. लेकिन इसे पर्यावरणविदों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. उनका आरोप है कि जल आपूर्ति और वन्यजीवों के लिए जोखिमों का आकलन किए बिना ही परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया गया.

कार्यकर्ता समूह ‘जल बिरादरी’ ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में इस परियोजना के खिलाफ जनहित याचिका दायर की है. जल बिरादरी का कहना है कि इस परियोजना के चलते नजदीकी जलाशय पर दबाव पड़ेगा और लोगों के लिए पानी की उपलब्धता प्रभावित होगी. हाईकोर्ट ने सरकार को इस याचिका पर अपना जवाब देने के लिए कहा है.

राज्य सरकार ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को भेजे बयान में कहा है कि परियोजना को लेकर कार्यकर्ताओं की चिंताएं गलत और भ्रामक हैं. गूगल ने अपने बयान में कहा कि नियमों के अनुसार, परियोजना का निर्माण किया जाएगा और "महत्वपूर्ण स्थानीय जल संसाधनों की सुरक्षा के लिए एडवांस्ड एयर कूलिंग" तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा.

दुनिया के कई हिस्सों में डेटा सेंटरों के निर्माण का विरोध किया जा रहा है क्योंकि इनके संचालन के लिए बिजली और सर्वरों को ठंडा रखने के लिए बड़ी मात्रा में पानी का इस्तेमाल होता है. अमेरिका के 42 राज्यों में भी जुलाई में ऐसे 140 से अधिक प्रदर्शनहुए, जिनमें डेटा सेंटरों से जुड़ी पर्यावरणीय चिंताओं को उठाया गया था.

विधानसभा की बैठक के दौरान ऑस्ट्रेलियाई नेता ने कहा, "मेरा काम बोरिंग है"

ऑस्ट्रेलिया के एक वरिष्ठ राजनेता को विधानसभा की बैठक के दौरान "मेरा काम बोरिंग है" और गाली-गलौज भरा मैसेज भेजने की बात सार्वजनिक रूप से कबूलनी पड़ी है. स्थानीय मीडिया में आई शिकायतों के बाद उठे इस विवाद से मार्क पार्टन को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था.

ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टैरिटरी में विपक्षी लिबरल पार्टी के नेता मार्क पार्टन पर आरोप लगा था कि उन्होंने पिछले महीने एक समिति की बैठक के दौरान अपने किसी जानकार को संदेश भेजा था. कैनबरा टाइम्स के अनुसार, पार्टन ने बैठक की एक तस्वीर के साथ लिखा था, "मेरा काम बहुत बोरिंग है, क्या तुम इसे बदलना चाहोगे?" स्थानीय रिपोर्ट्स में यह मैसेज एक सेक्स वर्कर को भेजे जाने का दावा भी किया गया था.

शुरुआत में पार्टन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे छवि खराब करने की साजिश बताया था. हालांकि, बाद में एक इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया कि मैसेज उन्होंने ही भेजा था, लेकिन किसी सेक्स वर्कर को भेजने के दावे को खारिज कर दिया. उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि मैसेज किसे भेजा गया था और बचाव में तर्क दिया कि बैठक के दौरान कई लोग अक्सर ऐसे निजी संदेश भेजते हैं.

पार्टन ने कहा कि इस मैसेज के बावजूद वह अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभा रहे थे और सरकार से सवाल पूछ रहे थे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ दर्ज शिकायत को खारिज कर दिया गया है. फिलहाल इस मामले पर उनके आधिकारिक कार्यालय की ओर से कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं आई है.

पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टिंग पर लगाए नए प्रतिबंध

पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टिंग पर अंकुश लगाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं. नए नियमों के तहत, अंतरराष्ट्रीय मीडिया के पत्रकारों को इस्लामाबाद, कराची और लाहौर के बाहर रिपोर्टिंग करने से पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी. अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सभी पत्रकार इन नियमों के दायरे में आएंगे, चाहे वे पाकिस्तानी नागरिक हों या विदेशी.

यह घोषणा तब हुई है, जब कुछ ही दिन पहले पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनकारियों को मारने के आरोप लगे हैं. इलाके में इंटरनेट बंद किए जाने के बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इस हिंसा की कवरेज की थी. अब नए नियम आने के बाद, अंतरराष्ट्रीय मीडिया के पत्रकारों को पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में जाने के लिए सरकार से अनुमति लेनी होगी.

इन नए प्रतिबंधों के बाद, पाकिस्तान में प्रेस की आजादी को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है. रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स द्वारा जारी की गई प्रेस फ्रीडम इंडेक्स, 2026 में पाकिस्तान 180 देशों की सूची में 153वें स्थान पर है. रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के मुताबिक, पाकिस्तान में सेना और सरकार मीडिया के ऊपर व्यापक नियंत्रण बनाए रखते हैं.

जर्मनी में पिछले साल फर्जी फोन कॉल्स से लोगों को हुआ भारी नुकसान

जर्मनी में फर्जी पुलिस अधिकारी और परेशान रिश्तेदार बनकर की जाने वाली फोन धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय नुकसान काफी बढ़ गया है. संघीय आपराधिक पुलिस कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में ऐसे घोटालों के जरिए ठगों ने लोगों को करोड़ों यूरो का चूना लगाया.

पुलिस कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, फर्जी पुलिसकर्मी बनकर की गई ठगी से हुआ नुकसान बढ़कर 4.95 करोड़ यूरो पहुंच गया, जो उससे पिछले साल 3.01 करोड़ यूरो था. दर्ज मामलों की संख्या भी बढ़कर 4,646 हो गई. इन मामलों में जालसाज पीड़ित को फोन करके या व्यक्तिगत रूप से मिलकर चोरी होने जैसी मनगढ़ंत कहानियां सुनाते थे और उनसे नकदी व गहने ऐंठ लेते थे.

इसके अलावा, "ग्रैंडपेरेंट स्कैम" और "शॉक कॉल्स" जैसे मामलों में पीड़ितों को करीब 4.9 करोड़ यूरो का नुकसान हुआ. इस तरह के फ्रॉड में ठग खुद को रिश्तेदार, डॉक्टर या वकील बताकर किसी आपात स्थिति या दुर्घटना का हवाला देते थे और पैसों की मांग करते थे. हालांकि, 2024 के मुकाबले 2025 में ऐसे दर्ज मामलों की संख्या 6,658 से घटकर 4,798 दर्ज की गई, लेकिन ठगी की कुल रकम में बढ़ोतरी हुई है.

पत्रकार तरुण तेजपाल को बलात्कार मामले में 10 साल जेल की सजा सुनाई गई

बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने गुरुवार, 6 अगस्त को मापुसा सेशन कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें पत्रकार तरुण तेजपाल को बलात्कार के एक मामले में बरी कर दिया गया था. जस्टिस डॉ नीला गोखले और जस्टिस अमित जामसांडेकर की बेंच ने तेजपाल को बलात्कार और यौन उत्पीड़न के आरोपों में दोषी ठहराया है.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कोर्ट ने इस मामले में तरुण तेजपाल को 10 साल जेल की सजा सुनाई है. दोषी ठहराए जाने के बाद तेजपाल ने रिपोर्टरों से कहा कि वे इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. तेजपाल ने कहा कि तहलका पत्रिका के काम के चलते राजनीतिक बदले की भावना से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.

कानूनी खबरों की वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, यह मामला साल 2013 का है जब तहलका पत्रिका के तत्कालीन संपादक तरुण तेजपाल पर उनकी एक जूनियर सहकर्मी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था. पीड़िता के मुताबिक, गोवा के एक मशहूर होटल की लिफ्ट में ऐसा हुआ था. इसके बाद गोवा पुलिस ने तेजपाल के खिलाफ बलात्कार समेत कई आरोपों में एफआईआर दर्ज की थी.

तेजपाल को नंवबर 2013 में पुलिस ने गिरफ्तार किया और जुलाई, 2014 में वे जमानत पर जेल से बाहर आ गए. साल 2017 में तेजपाल के खिलाफ मुकदमे की शुरुआत हुई और सत्र अदालत ने मई 2021 में उन्हें बरी कर दिया. गोवा सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी. अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोवा सरकार की अपील स्वीकार करते हुए तरुण तेजपाल को दोषी करार दिया है.

फ्रांस में अनचाही टेलीमार्केटिंग कॉल्स पर लगेगा पूरी तरह बैन

फ्रांस अगले हफ्ते से उपभोक्ताओं की सहमति के बिना की जाने वाली सभी तरह की टेलीमार्केटिंग (सेल्स) कॉल्स पर प्रतिबंध लगाने जा रहा है. इसका मकसद लोगों को अनचाही कॉल्स से बचाना और धोखाधड़ी वाली गतिविधियों पर नकेल कसना है.

राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों की सरकार द्वारा समर्थित यह कानून 11 अगस्त से लागू होगा. नए नियमों के तहत कंपनियां किसी भी व्यक्ति को उसकी पूर्व सहमति के बिना सीधे फोन नहीं कर सकेंगी और ग्राहक अपनी दी हुई सहमति को कभी भी वापस ले सकते हैं. सरकारी अनुमानों के मुताबिक फ्रांस में करीब तीन-चौथाई लोग हर हफ्ते कम से कम एक अनचाही सेल्स कॉल से परेशान होते हैं.

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इससे पहले फ्रांस में ऐसी कॉल्स रोकने के लिए लोगों को अपनी जानकारी एक सरकारी पोर्टल पर दर्ज करानी पड़ती थी, लेकिन उपभोक्ता संगठनों का आरोप था कि कई कॉल सेंटर इन सूचियों को नजरअंदाज कर देते थे. लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद पिछले साल फ्रांसीसी संसद ने इस कानून को मंजूरी दी थी.

इस नए कानून में उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ बेहद कड़े जुर्माने का प्रावधान किया गया है. अगर कोई व्यक्ति अवैध रूप से ऐसी कॉल करता है तो उस पर प्रति कॉल 75,000 यूरो तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं, अगर कोई कंपनी नियमों का उल्लंघन करती पाई जाती है तो उस पर प्रति कॉल 3.75 लाख यूरो तक का भारी आर्थिक जुर्माना लग सकता है.

चीन में शुरू हुआ दुनिया का पहला 16-मेगावॉट का फ्लोटिंग विंड पावर प्लेटफॉर्म

चीन के गुआंगदोंग प्रांत में दुनिया के पहले 16-मेगावॉट फ्लोटिंग विंड पावर प्लेटफॉर्म 'हाइयौ अनलान' ने आधिकारिक तौर पर काम करना शुरू कर दिया है. चीन नेशनल ऑफशोर ऑयल कॉरपोरेशन द्वारा संचालित यह प्लेटफॉर्म गहरे समुद्र में हरित ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक नया वैश्विक रिकॉर्ड है.

यह फ्लोटिंग विंड प्लेटफॉर्म पर्ल रिवर माउथ बेसिन के पानी में तट से 136 किलोमीटर दूर और 136 मीटर की गहराई पर स्थापित किया गया है. यह 4.3 किलोमीटर लंबी समुद्र के नीचे बिछी केबल के जरिए लुफेंग ऑयलफील्ड ग्रिड से जुड़ा है और सीधे ऑफशोर ऑयलफील्ड को पर्यावरण-अनुकूल बिजली की आपूर्ति करेगा.

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इस प्लेटफॉर्म पर 16-मेगावाट की क्षमता वाली तूफान-रोधी पवन टरबाइन लगाई गई है, जिसे केटेगरी 17 के भीषण चक्रवातों को झेलने के लिए डिजाइन और निर्मित किया गया है. इसकी सेवा अवधि 25 साल तय की गई है.

चालू होने के बाद यह विंड प्लेटफॉर्म सालाना औसतन 5.4 करोड़ किलोवॉट-घंटे बिजली पैदा करेगा. इससे कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में सालाना लगभग 35,000 टन की कमी आने की उम्मीद है, जिससे चीन के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को बड़ी मजबूती मिलेगी.

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान में सहमति बनने के संकेत

वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही शुरू करने के लिए ईरान और ओमान एक नए समझौते के करीब पहुंच गए हैं. हालांकि, तेहरान का साफ कहना है कि इस जलमार्ग को पूरी तरह खोलना अमेरिका द्वारा उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाने पर ही निर्भर करेगा.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि दोनों देशों ने जहाजों के आने-जाने के रास्तों और इस जलमार्ग के संयुक्त प्रबंधन पर सहमति बना ली है. प्रस्तावित योजना के तहत फारस की खाड़ी में प्रवेश करने और बाहर निकलने के लिए अलग-अलग रास्ते तय किए जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भले ही जल्द समझौते का दावा कर रहे हों, लेकिन ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह वॉशिंगटन के बजाय केवल अपने पड़ोसी ओमान के साथ ही सीधी बातचीत कर रहा है.

तेहरान ने चेतावनी दी है कि ओमान के साथ समझौता होने के बावजूद यह जलमार्ग तब तक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकता जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक पाबंदियां खत्म नहीं करता. फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान इस बेहद महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्ते पर अपना दबदबा बनाए हुए है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट गहरा गया है और कच्चे तेल व ईंधन की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 06, 2026 06:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).