देश की खबरें | राष्ट्रपति चुनाव तैयारी को लेकर आयोजित राजग की बैठक में शामिल हुए चिराग पासवान

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नयी दिल्ली, 17 जुलाई लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों को लेकर रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत राजग की एक बैठक में शामिल हुए।

इस बैठक में चिराग पासवान की उपस्थिति महत्वपूर्ण है, क्योंकि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से बाहर होने के बाद उन्होंने सत्ताधारी राजग की बैठकों से दूरी बना ली थी।

दूसरी बार लोकसभा सांसद बने चिराग पासवान कई अन्य सांसदों के साथ बैठक स्थल की ओर जाते दिखे, जिनमें ज्यादातर सांसद भाजपा के थे। इस बैठक में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान पर एक प्रस्तुति दी गई।

पासवान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) का विरोध करने के चलते बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से बाहर हो गए थे। बिहार में जद (यू) भाजपा का सबसे बड़ा सहयोगी दल है।

उन्होंने तब दावा किया था कि वह राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के सहयोगी बने हुए हैं और उन्होंने राज्य-विशिष्ट कारणों से बिहार में गठबंधन छोड़ दिया है।

हालांकि, जद (यू) के कड़े प्रतिरोध के चलते वह राजग की बैठकों में शामिल नहीं हुए। संसद के बजट सत्र से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए भाजपा के निमंत्रण पर कुमार की पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी, जिसके कारण पासवान उसमें शामिल नहीं हुए थे।

जदयू अध्यक्ष ललन सिंह सहित पार्टी सांसद रविवार को संसद परिसर में हुई बैठक में शामिल हुए।

भाजपा के साथ पासवान के संबंधों में तब खटास आ गई थी, जब उनके चाचा पशुपति कुमार पारस ने लोक जनशक्ति पार्टी तोड़ दी थी और उनके साथ पार्टी के अन्य सभी सांसद भी आ गए थे। पारस गुट को लोकसभा में असली लोजपा के रूप में मान्यता भी मिल गई थी और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री के रूप में शपथ ले ली थी।

चिराग पासवान ने उन्हें उस सरकारी बंगले से बेदखल किए जाने के बाद भाजपा पर निशाना साधा था, जो उनके पिता एवं दलित नेता रामविलास पासवान को आवंटित किया गया था।

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