विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने अपनी दैनिक ब्रीफिंग में इसकी घोषणा की, लेकिन विस्तृत जानकारी नहीं दी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस कदम से केवल अमेरिकी सरकार के अधिकारियों को निशाना बनाया जाएगा या फिर निजी क्षेत्रों के अधिकारी भी निशाने पर होंगे।
चीन ने यह बात ऐसे समय में कही है जब मंगलवार को उसके द्वारा हांगकांग के लिये लाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को मंजूरी मिलने की संभावना है। आलोचकों का कहना है कि इस कानून से हांगकांग में विपक्ष की राजनीति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित हो जाएगी।
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इस मुद्दे पर अमेरिका का कहना है कि वह हांगकांग को दी गई अनुकूल व्यापारिक सुविधाओं को समाप्त करके इसका जवाब देगा।
झाओ ने एक बार फिर चीन के रुख को दोहराते हुए कहा कि यह कानून पूरी तरह से चीन का आंतरिक मामला है और इसमें किसी भी देश को हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।
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झाओ ने कहा, ''तथाकथित पाबंदियों के जरिये हांगकांग के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को बढ़ावा देने से चीन को रोकने की अमेरिका की कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी।''
उन्होंने कहा, ''अमेरिकी पक्ष के उपरोक्त गलत व्यवहार के जवाब में चीन ने हांगकांग के संबंध में गलत रुख अपनाने वाले अमेरिकी अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।''
एपी
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