विदेश की खबरें | चीन शांति के प्रयासों के तहत अपना विशेष दूत यूक्रेन और रूस भेजेगा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने बताया कि चीन के यूरेशिया मामलों के विशेष दूत और मॉस्को में उसके पूर्व राजदूत रह चुके ली हुई पोलैंड, फ्रांस और जर्मनी की यात्रा भी करेंगे।

चीन का कहना है कि यूक्रेन युद्ध को लेकर उसका रुख तटस्थता का रहा है लेकिन उसने साथ ही घोषणा की है कि रूस के साथ संबंधों की ‘उसकी कोई सीमा’ नहीं है। चीन ने साथ ही संघर्ष को उकसाने के लिए अमेरिका और नाटो को जिम्मेदार ठहराया है।

गौरतलब है कि चीन ने यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के लिए शांति योजना की पेशकश की थी जिसे यूक्रेन के समर्थक देशों ने खारिज कर दिया है। यूक्रेन समर्थक पश्चिमी देशों का कहना है कि इस मुद्दे का समाधान तभी हो सकता है जब रूस हमलों को रोके और अपने सैनिकों को यूक्रेन के इलाके से वापस बुलाए।

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पिछले महीने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से फोन पर बात की थी।

वांग ने शुक्रवार को अपने दैनिक मीडिया संबोधन में कहा, ‘‘चीनी प्रतिनिधि प्रासंगिक देशों की यात्रा बीजिंग की शांति और वार्ता को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को जाहिर करने के लिए करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि चीन की इच्छा ‘स्थिति को बिगड़ने से रोकने की है।’’

वांग के मुताबिक ली की अगले सप्ताह से यूरोप यात्रा शुरू होगी। हालांकि, उनके कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई है।

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