शोल्ज ने जर्मन संसद में दिए एक भाषण में कहा, ‘‘चीन के लिए मेरा संदेश स्पष्ट है: रूसी सैनिकों की वापसी के लिए दबाव बनाने के वास्ते मॉस्को में अपने प्रभाव का उपयोग करें और रूस को हथियारों की आपूर्ति न करें।’’
चांसलर ने यह भी प्रतिबद्धता जताई कि रूस के हमले के खिलाफ यूक्रेन की रक्षा करने में मदद करने के वास्ते जर्मनी मानवीय और सैन्य सहायता के साथ अपना समर्थन करना जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि ‘‘शांति के संदेश का मतलब किसी बड़े पड़ोसी के सामने समर्पण करना नहीं है। अगर यूक्रेन ने अपना बचाव करना बंद कर दिया, तो इससे शांति का माहौल नहीं बनेगा, बल्कि यूक्रेन का अंत होगा।’’
शोल्ज ने कहा कि जर्मनी नाटो के दो प्रतिशत रक्षा व्यय लक्ष्य को पूरा करने के लिए काम कर रहा है।
एपी
देवेंद्र सुरेश
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