विदेश की खबरें | चीन ने जासूसी के आरोपों में 78 वर्षीय अमेरिकी नागरिक को उम्रकैद की सजा सुनायी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

हांगकांग में स्थायी नागरिक का दर्जा रखने वाले जॉन शिंग-वान लेयुंग को दक्षिणपूर्वी शहर सुझोउ में चीन की खुफिया रोधी एजेंसी के स्थानीय ब्यूरो ने 15 अप्रैल 2021 को हिरासत में लिया गया था। शहर की एक अदालत ने अपनी सोशल मीडिया वेबसाइट पर एक संक्षिप्त बयान में लेयुंग की सजा की घोषणा की लेकिन आरोपों की कोई जानकारी नहीं दी।

ऐसी जांच और मुकदमे बंद कमरे में चलाए जाते हैं तथा इनके बारे में सार्वजनिक रूप से बहुत कम जानकारी दी जाती है।

अमेरिका और चीन के बीच रिश्ते व्यापार, प्रौद्योगिकी, मानवाधिकारों और स्वशासित ताइवान एवं दक्षिण चीन सागर सहित क्षेत्रीय दावों को लेकर बीजिंग की बढ़ती आक्रामकता के कारण ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर हैं।

चीन से मिलीजुली प्रतिक्रिया के बीच दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय सरकारी यात्राएं रुकी हुई हैं और अमेरिकी कंपनियां बड़े निवेशों को टाल रही हैं।

यह सजा ऐसे समय में सुनाई गयी है जब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन सात प्रमुख औद्योगिक देशों के समूह जी-7 के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जापान के हिरोशिमा की यात्रा पर हैं। इसके बाद वह प्रशांत द्वीपीय देश पापुआ न्यू गिनी की यात्रा करेंगे जहां चीन अपना आर्थिक, सैन्य और राजनयिक प्रभाव बढ़ाना चाहता है।

बीजिंग में अमेरिकी दूतावास ने कहा कि वह मामले से अवगत है लेकिन निजता संबंधी चिंताओं के कारण वह कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। दूतावास द्वारा ईमेल से जारी बयान में कहा गया, ‘‘विदेश विभाग की विदेशों में अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और रक्षा से बढ़कर और कोई प्राथमिकता नहीं है।’’

ब्रिटेन का पूर्व उपनिवेश रहा हांगकांग 1997 में फिर से चीन के नियंत्रण में आ गया। हांगकांग की सरकार ने हालांकि लेयुंग पर तत्काल कोई बयान नहीं दिया है।

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