विदेश की खबरें | चीन ने फसलों को सूखे से बचाने के लिए कृत्रिम वर्षा की योजना बनायी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस बीच, कारखानों में रविवार को इस बात का इंतजार रहा कि पनबिजली उत्पादन के वास्ते पानी की कमी के कारण उन्हें कहीं अपना परिचालन एक और हफ्ते के लिए बंद न करना पड़े।

पिछले 61 साल में इस बार सबसे अधिक भीषण गर्मी के कारण फसलें मुरझा गयी हैं तथा जलाशयों में पानी घटकर आधा रह गया है। सिचुआन प्रांत में घरों के वास्ते पानी बचाने के लिए पिछले हफ्ते कारखाने बंद कर दिये गये थे, क्योंकि पारा 45 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंचने के साथ ही वातानुकूलन की मांग बहुत बढ़ गयी है।

देश में 61 साल पहले वर्षा एवं तापमान का रिकार्ड रखना शुरू किया गया था। अखबार ग्लोबल टाइम्स के अनुसार कृषि मंत्री तांग रेनजियान ने कहा कि अगला 10 दिन दक्षिणी चीन की धान फसल का ‘नुकसान रोकने के लिए अहम अवधि’ है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ‘शरद ऋतु में फसल कटाई सुनिश्चित करने के लिए’ आपात कदम उठाएगा।

तांग के मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि प्रशासन रसायनों की मदद से बादल तैयार करके ‘बारिश बढ़ाने की चेष्टा करेगा’ तथा वाष्पोर्त्सन को कम करने के लिए खड़ी फसल पर ‘पानी सहेजने वाले एजेंट’ का छिड़काव करेगा।

इन परिस्थितियों में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के लिए चुनौतियां बढ़ गयी हैं जो अक्टूबर या नवंबर में होने वाली बैठक से पहले मंद आर्थिक विकास में जान फूंकने के लिए प्रयासरत है। उस बैठक में राष्ट्रपति शी चिनफिंग के अपने तीसरे कार्यकाल के लिए कवायद करने की संभावना है।

एपी

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