खेल की खबरें | महिला एशियाई कप फाइनल में चीन की नजरें नौवें खिताब पर

नवी मुंबई, पांच फरवरी चीन  की टीम एएफसी (एशियाई फुटबॉल परिसंघ) महिला एशियाई कप के फाइनल में रविवार को जब कोरिया के खिलाफ यहां मैदान में उतरेगी तो उसकी नजरें नौवें महाद्वीपीय खिताब पर होगा जबकि कोरिया की टीम पहली बार चैम्पियन बनने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी।

चीन और कोरिया ने डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले जाने वाले फाइनल पहुंचने के क्रम में क्रमश: दो बार के गत चैंपियन जापान और एक अन्य दावेदार आस्ट्रेलिया को हराया था।

टूर्नामेंट का इतिहास हालांकि चीन के पक्ष में है। उसने 1986 से 1999 तक लगातार सात बार खिताब अपने नाम किया है और टीम 2006 में भी चैम्पियन बनी थी। चीन की टीम 1986 से अब तक हर सत्र में शीर्ष चार में रही है, जो शानदार उपलब्धि है।

दूसरी ओर कोरिया की टीम पिछले चार बार से सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही है।

पांच बार की एएफसी महिला एशियाई कप विजेता कोच शुई किंग्जिया की देखरेख में चीन का रिकॉर्ड शानदार रहा है। कोरिया के खिलाफ भी चीन का दबदबा रहा है।

किंग्जिया ने कहा कि सेमीफाइनल में दो बार के गत चैम्पियन के खिलाफ 120 मिनट के मैच में दो बार पिछड़ने के बाद पेनल्टी शूट-आउट में जीत दर्ज करने से टीम का मनोबल काफी बढ़ा होगा। यह जीत 16 साल में टीम को अपना पहला खिताब हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।

उन्होंने मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘ कोरिया का सामना करना मुश्किल होगा। वे एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी और एशिया में एक शानदार टीम हैं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में अपने खेल में काफी सुधार किया है और उनके पास कुछ बेहतरीन खिलाड़ी हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ पिछले रिकॉर्ड के बारे में सोचने का कोई मतलब नहीं है। फाइनल में कई अलग-अलग परिदृश्य होंगे और हमें तैयार रहना होगा।  मैच में कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियां हो सकती है लेकिन हम तैयार रहेंगे।’’

कोरिया ने अपनी पिछली सात मुकाबलों में चीन को नहीं हराया है, लेकिन मुख्य कोच कॉलिन बेल को भरोसा है कि रविवार को होने वाले मैच के लिए यह रिकॉर्ड कोई मायने नहीं रखेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे नहीं लगता कि चीन के खिलाफ नहीं जीतने से हमें कोई परेशानी होगी। अब समय आ गया है कि हम इसे (हार  के सिलसिला) खत्म करें । हम इसे पीछे छोड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन इन आंकड़ों के बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहते।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी टीम में चोट की कोई समस्या नहीं है।  हम फाइनल में अपने सर्वश्रेष्ठ 11 खिलाड़ी उतारेंगे। हमारी टीम में गहराई हैं इसलिए हमें बदलाव करने में कोई परेशानी नहीं होती है। मुझे यकीन है कि चीन के साथ भी ऐसा ही है।’’

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