लखनऊ, 26 मार्च लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के बाद अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार से अलग-अलग जिलों में प्रबुद्ध सम्मेलन आयोजित कर लोगों से संवाद करेंगे और सरकार के कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करेंगे।
मुख्यमंत्री इसकी शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश से करने जा रहे हैं, जहां शुरुआती चरणों में चुनाव होने हैं। 31 मार्च तक प्रस्तावित इन सम्मेलनों के माध्यम से मुख्यमंत्री लोगों के साथ संवाद स्थापित कर ‘फिर एक बार मोदी सरकार’ के संकल्प की जमीन तैयार करेंगे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 27 से 31 मार्च तक 15 जिलों को कवर करेंगे। 27 मार्च यानी बुधवार को मथुरा, मेरठ और गाजियाबाद में सम्मेलन आयोजित किया जाएगा जहां मुख्यमंत्री गणमान्य लोगों के अलावा आम जनता से भी संवाद करेंगे।
एक बयान के मुताबिक इसके अगले दिन 28 मार्च को बिजनौर, मुरादाबाद और अमरोहा, 29 मार्च को शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर, 30 मार्च को बागपत, बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर तथा 31 मार्च को बरेली, रामपुर और पीलीभीत में कार्यक्रम प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री ने 2023 में निकाय चुनावों से पहले भी प्रबुद्ध सम्मेलन किए थे, जिसका भाजपा को काफी लाभ मिला था और पार्टी ने सभी निकायों में जीत दर्ज की थी।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण के तहत 19 अप्रैल को सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत में मतदान होना है और दूसरे चरण में 26 अप्रैल को अमरोहा, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा में मतदान होगा।
इसी तरह तीसरे चरण में संभल, हाथरस, आगरा, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं और बरेली जैसे जिलों में मतदान होना है।
इसको देखते हुए ही मुख्यमंत्री योगी के प्रबुद्ध सम्मेलनों की शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से होने जा रही है, ताकि इसका ज्यादा से ज्यादा असर आम लोगों तक हो सके।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY