रायपुर, आठ जून छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में ट्रक में मवेशी ले जा रहे तीन लोगों में से दो की संदिग्ध परिस्थिति में मौत की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच दल का गठन किया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक कुछ लोगों ने ट्रक का पीछा किया था।
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार तड़के आरंग थाना क्षेत्र में भीड़ द्वारा कथित तौर पर पीछा किए जाने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में दो मवेशी ट्रांसपोर्टरों की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक मामले की जांच करने, आरोपियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए रायपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कीर्तन राठौर के नेतृत्व में 14 सदस्यीय विशेष दल का गठन किया गया है।
बयान में कहा गया कि इस दल में उप पुलिस अधीक्षक (अपराध) संजय सिंह, सीएसपी माना लंबोदर पटेल, थाना प्रभारी आरंग सत्येन्द्र श्याम, थाना प्रभारी मंदिरहसौद सचिन सिंह, सायबर सेल प्रभारी परेश पांडेय सहित 14 सदस्य है। दल ने घटना के सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच शुरू कर दी है।
रायपुर जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छह-सात जून की मध्यरात्रि को आरंग थाना क्षेत्र के अंतर्गत महासमुंद-रायपुर जिले की सीमा पर महानदी के पुल के करीब हुई इस घटना में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के निवासी चांद खान और गुड्डू खान की मृत्यु हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304, 307, 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
दर्ज प्राथमिकी में शिकायतकर्ता सोहेब खान ने दावा किया है कि चांद ने उन्हें फोन पर बताया कि जब तीनों लोग मवेशियों (भैंसों) से भरे ट्रक में महासमुंद (पड़ोसी जिला) से सड़क की विपरीत दिशा से आरंग की ओर जा रहे थे, तब मोटरसाइकिल और अन्य वाहनों में सवार कुछ लोगों ने उनका पीछा किया। ट्रक का एक टायर फटने के बाद तीनों का पीछा कर रहे लोगों ने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।
प्राथमिकी में कहा गया है कि चांद ने शोहेब को बताया कि उसे और उसके दो अन्य साथियों को चोटें आई हैं और वे चलने की स्थिति में नहीं हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामले में कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
एएसपी (रायपुर ग्रामीण) कीर्तन राठौर ने शुक्रवार को बताया था कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, तीनों युवक मवेशी लेकर महासमुंद से रायपुर की ओर जा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने वाहन का पीछा किया। तीनों में से एक की मौत हो गई और दो की हालत गंभीर थी।
अधिकारी ने बताया कि घायलों को महासमुंद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनमें से एक की मौत हो गई। सद्दाम का रायपुर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।
उन्होंने बताया कि बाद में पुल पर खड़े ट्रक को जब्त कर लिया गया है और जानवरों को गौशाला में भेज दिया गया है। रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह कहा जा सके कि यह मॉब लिंचिंग है।
राठौर ने बताया, ''वाहन का पीछा करने वालों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।''
अधिकारी ने कहा कि घायल व्यक्ति फिलहाल पुलिस को बयान देने की स्थिति में नहीं है।
शुक्रवार को संवाददाताओं से बात करते हुए चांद और सद्दाम के चचेरे भाई शोहेब ने कहा कि भीड़ ने तीनों लोगों पर हमला किया था।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें चांद का फोन आया था। जब उन पर हमला हो रहा था, तब सद्दाम ने अपने दोस्त मोहसिन को फोन किया था।
शोएब ने दावा किया, "चांद ने मुझे बताया कि उन पर भीड़ द्वारा हमला किया जा रहा है। लेकिन इससे पहले कि वह कोई विस्तृत जानकारी दे पाता, फोन कट गया।"
शोएब ने कहा कि 47 मिनट तक की दूसरी कॉल में सद्दाम को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उसके हाथ-पैर टूट गए हैं।
उन्होंने दावा किया, "सद्दाम को हमलावरों से उसे छोड़ देने की विनती करते हुए सुना जा सकता है। मेरा मानना है कि सद्दाम ने (मोहसिन को) फोन करते समय अपना फोन जेब में रख लिया था और फोन नहीं कटा, इसलिए सब कुछ साफ सुना जा सकता था।"
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