कोलकाता, दो सितंबर भारत में नामीबिया के उच्चायुक्त गेब्रियल सिनिम्बो ने शनिवार को कहा कि उनके देश और दक्षिण अफ्रीका से मध्य प्रदेश में लाये गये चीतों की मौत ‘‘सामान्य’’ बात है क्योंकि संबंधित परियोजना के तहत चीतों को नये वातावरण से परिचित कराया जाता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि चीते भारतीय पर्यावरण के प्रति खुद को पूरी तरह से समायोजित करने में सक्षम होंगे।
इस साल मार्च के बाद से दोनों देशों से लाये गये 20 चीतों में से कुल मिलाकर नौ की मौत हो गई।
सिनिम्बो ने कहा, ‘‘जब आप जानवरों को नये परिवेश में उतारते हैं, तो वहां उनकी मौत जैसी कुछ चनौतियां हो सकती हैं। यह इस तरह की किसी परियोजना का एक हिस्सा है।’’
‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत ‘रेडियो कॉलर’ से युक्त 20 चीता नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कुनो राष्ट्रीय उद्यान में लाए गए थे। बाद में नामीबियाई चीता ‘ज्वाला’ से चार शावक पैदा हुए, इन 24 चीतों में से तीन शावकों समेत नौ की मौत हो चुकी है।
सबसे आखिरी यानी नौवें चीते की मौत दो अगस्त को दर्ज की गई थी।
सिनिम्बो ने कहा, ‘‘यह एक अनूठी परियोजना है जिसकी वकालत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीता प्रजाति को फिर से बसाने के लिए शुरू की है। एक-दूसरे का समर्थन करने के हमारे रिश्ते को देखते हुए नामीबिया इस पहल से काफी खुश है।’’
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