नयी दिल्ली, दो अगस्त प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों से नजदीकी संबंध होने का झूठा दावा करके लोगों से कथित रूप से धन वसूलने वाले नोएडा के एक व्यक्ति के खिलाफ धनशोधन को लेकर आरोप पत्र दायर किया गया है। एजेंसी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
प्रवर्तन निदेशालय ने एक बयान में बताया कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत के समक्ष मोहम्मद काशिफ के खिलाफ 28 जुलाई को अभियोजन की शिकायत दर्ज की गई और अदालत ने 31 जुलाई को आरोप पत्र पर संज्ञान लिया था।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें आरोप लगाया है कि काशिफ ने स्वयं को पीएमओ और निदेशालय के अधिकारियों का नजदीकी बताया और सरकारी विभागों एवं मंत्रालय से काम कराने के नाम पर आम लोगों से पैसे ‘‘वसूले’’। धनशोधन का मामला इसी प्राथमिकी के आधार पर बना है।
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि उसने आरोपी के नोएडा सेक्टर 107 स्थित आवास पर छापा मारा, जहां से 1,10,50,000 रुपये नकद, मुद्रा गिनने की एक मशीन और विभिन्न जांच एजेंसी द्वारा की गई जांच से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
एजेंसी ने बताया कि ये दस्तावेज राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), सीमा शुल्क, ईडी आदि द्वारा कुछ लोगों के खिलाफ की गई जांच से संबंधित हैं।
उसने बताया कि काशिफ ने निदेशालय की जांच के दायरे वाले एक मामले में मदद करने के बदले एक व्यवसायी के परिवार से एक करोड़ रुपये वसूले।
एजेंसी ने बताया कि काशिफ ने 1.78 करोड़ रुपए की संपत्ति खरीदी थी, जिनमें से उसने 1.05 करोड़ रुपए नकद भुगतान किया।
एजेंसी ने कहा, ‘‘इसके अलावा, इस व्यक्ति ने कई विदेशी यात्राओं सहित अपनी शानदार जीवनशैली (महंगी लक्जरी कारों, घड़ियों, कपड़ों आदि) पर भारी रकम खर्च की थी, जबकि इस धन के वैध स्रोत की जानकारी नहीं है।’’
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