चंद्रयान-3: इसरो के वैज्ञानिकों में कोई नहीं है लखपति - माधवन नायर
भारत के चंद्रयान-3 मिशन की सफलता से प्रसन्न भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी के वैज्ञानिकों की पगार विकासित देशों के वैज्ञानिकों के वेतन का पांचवां हिस्सा है और शायद यही कारण है कि वे अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए किफायती तरीके तलाश सके.
तिरुवनंतपुरम, 24 अगस्त: भारत के चंद्रयान-3 मिशन की सफलता से प्रसन्न भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी के वैज्ञानिकों की पगार विकासित देशों के वैज्ञानिकों के वेतन का पांचवां हिस्सा है और शायद यही कारण है कि वे अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए किफायती तरीके तलाश सके.
नायर ने अन्य देशों की तुलना में बेहद कम कीमत वाले साधनों के जरिए अंतरिक्ष में खोज के भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के इतिहास के बारे में ‘पीटीआई-’’ से बातचीत करते हुए कहा, ‘‘ इसरो में वैज्ञानिकों, तकनीशियनों और अन्य कर्मियों को जो वेतन भत्ते मिलते हैं वे दुनिया भर में इस वर्ग के लोगों को मिलने वाले वेतन भत्तों का पांचवा हिस्सा है। इसका एक लाभ भी है.’’
संबंधित खबरें
Solar Flare: 1 फरवरी से सूर्य उगल रहा खतरनाक सोलर फ्लेयर्स, संचार सेवाएं प्रभावित, क्यों बढ़ी सौर गतिविधि और क्या भारत में ब्लैकआउट का खतरा?
Solar Storm 2026: सूर्य की 'एक्टिव रीजन 14366' से निकला शक्तिशाली X8.1 फ्लेयर; भारत में रेडियो ब्लैकआउट और GPS बाधा की चेतावनी
ISRO प्रमुख वी. नारायणन का बड़ा ऐलान, 2027 में अंतरिक्ष जाएगा भारत का 'गगनयान', मार्च में होगा पहला अनक्रूड टेस्ट
India Republic Day 2026 Google Doodle: देशभर में 77वें गणतंत्र दिवस की धूम, गूगल ने डूडल बनाकर कुछ इस तरह देशवासियों को दी बधाई
\