नयी दिल्ली, 15 जून सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने मोबाइल फोन विनिर्माण के लिए चलाई गई पीएलआई योजना की आलोचना करने वाले रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के आरोपों का खंडन किया है।
राजन ने सोशल मीडिया पर लिखे एक पोस्ट में मोबाइल फोन विनिर्माण के लिए चलाई गई उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के परिणामों पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि कंपनियां मोबाइल फोन के ज्यादातर उपकरणों का आयात कर रही हैं लेकिन उन्हें सब्सिडी पूर्ण-निर्मित फोन पर दी जा रही है।
राजन ने इस पर सवाल किया कि क्या पीएलआई योजना और कर छूट के तहत कंपनियों को दी जा रही सब्सिडी देश में मोबाइल फोन निर्माताओं द्वारा किए जा रहे मूल्यवर्धन से अधिक है।
इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने आठ महीने पहले भी राजन को जवाब दिया था लेकिन अब वह कुछ गलत आंकड़ों और घटिया तुलना के साथ लौट आए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार स्मार्टफोन के मामले में चीन पर निर्भरता कम करने और घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने की कोशिश में लगी हुई है।
मोबाइल फोन के लिए पीएलआई योजना एक अप्रैल, 2020 को अधिसूचित की गई थी। यह योजना पांच साल की अवधि के लिए योग्य कंपनियों को भारत में निर्मित मोबाइल फोन की वृद्धिशील बिक्री (आधार वर्ष से अधिक) पर चार से छह प्रतिशत का प्रोत्साहन राशि देती है।
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